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केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया- जयपुर पोलो ग्राउंड में सिर्फ सीमांकन हो रहा, टर्फ में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली, 09 जुलाई । दिल्ली के जयपुर पोलो ग्राउंड का केवल सीमांकन किया जा रहा है और टर्फ में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। जयपुर पोलो ग्राउंड के परिसर को खाली करने के केंद्र सरकार के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को ये सूचना दी। जस्टिस हरीश वैद्यनाथन की बेंच ने याचिकाकर्ता को ट्रायल कोर्ट के आदेश की प्रति कोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता इंडियन पोलो एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कीर्तिमान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ग्राउंड की खुदाई करा रही है और इसे ही सीमांकन कह रही है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से अंतिम आदेश आ गया है। याचिकाकर्ता को इसकी कॉपी रिकॉर्ड में लाना चाहिए और उसे चुनौती देनी चाहिए। तब कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि अब ट्रायल कोर्ट ने अंतिम आदेश दे दिया है, तो उसे रिकॉर्ड पर लाइए। इस पर कीर्तिमान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ग्राउंड पर पोल खड़ा कर रही है और उससे छेड़छाड़ कर रही है। तब आशीष दीक्षित ने कहा कि वहां केवल सीमांकन किया जा रहा है। टर्फ से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। पोलो ग्राउंड को कोई क्षति नहीं हो रही है। तब कोर्ट ने कहा कि सीमांकन ठीक है, लेकिन इसकी घेराबंदी नहीं होनी चाहिए। तब दीक्षित ने कहा कि मैं ग्राउंड के फोटोग्राफ्स दिखाउंगा।

ट्रायल कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता का भूमि पर कोई अधिकार नहीं है। तब कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल करें। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि अगर याचिकाकर्ता कह रहा है कि वहां पोल खड़े किए जा रहे हैं तो वहां होने वाले मैचों के लिए समस्या हो सकती है।

इसके पहले 29 जून को वेकेशन बेंच के समक्ष केंद्र सरकार ने कहा था कि वो जयपुर पोलो ग्राउंड के परिसर का केवल सीमांकन करेगा और वहां के टर्फ की खुदाई नहीं करेगा। इंडियन पोलो एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के आदेश पर रोक लगने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि किसी भी तरह के डेमोलिशन, खुदाई या जयपुर पोलो ग्राउंड में बदलाव करने से रोका जाए।