पंचायत और निकाय चुनाव कराने की तिथि बढाने के प्रार्थना पत्र पर हाईकोर्ट करेगी पहले सुनवाई, अवमानना याचिका होगी बाद में तय
जयपुर, 29 अप्रैल । राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराने की तिथि बढ़ाने के संबंध में दायर राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र को पहले तय किया जाएगा और उसके बाद मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने पूर्व विधायक संयम लोढा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई 18 मई को रखी है। एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश दिए।
अवमानना याचिका में कहा गया कि अदालत ने 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने 22 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची जारी करना तय किया है। यह अदालती आदेश की सीधे तौर पर अवमानना है। वहीं पूर्व में राज्य सरकार की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर कहा था कि हाईकोर्ट ने गत 14 नवंबर को आदेश जारी कर पंचायतों और निकाय चुनाव 15 अप्रैल तक कराने के आदेश दिए थे। स्थानीय निकाय के लिए करीब 1.26 लाख और पंचायत चुनाव के लिए करीब 2.50 लाख मतदान कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसमें से 70 फीसदी शिक्षाकर्मी रहेंगे। फिलहाल सत्र शुरू हो चुका है और मई-जून में भीषण गर्मी पडेगी। वहीं जुलाई से सितंबर तक मानसून व कृषि कार्य में आमजन व्यक्ति रहेगा। वहीं कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल सितंबर से दिसंबर में पूरा होगा। वहीं राज्य चुनाव आयोग को अधिसूचना जारी करने और प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम तीन माह का समय लगेगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट भी तीस सितंबर तक आने की संभावना है। इसलिए चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।









