लुधियाना में स्मार्ट सिटी घोटाला: SDO और सहायक रिश्वत लेते हुए रिकार्डिंग में फंसे!

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लुधियाना में तैनात SDO नेहा पंचाल और उसके सहायक को रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि SDO ने अपने कार्यालय में एक कंपनी से 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह मामला लुधियाना के गगनदीप कॉलोनी से संबंधित है, जहां पितामास प्राइवेट लिमिटेड के जनरल मैनेजर सुशील कुमार ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी कंपनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में काम कर रही थी और उन्हें 7,08,000 रुपये का वार्षिक बिल पास करवाना था। यह बिल लुधियाना नगर निगम के कमिश्नर के अधीन था। सुशील कुमार ने बताया कि जब उन्होंने अपने बिल को पास करवाने के लिए कार्यालय में संपर्क किया, तो SDO नेहा पंचाल ने उनसे रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इस बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें साफ दिखता है कि SDO ने कथित तौर पर 15,000 रुपये या कुल बिल का 2 प्रतिशत रिश्वत मांगी।

SSP रविंदरपाल सिंह संधू ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि शिकायत के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने तुरंत कार्रवाई की और जाल बिछाकर SDO के सहायक को रंगे हाथों पकड़ा गया। सहायक ने उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने के लिए भेजा गया था। इस गिरफ्तारी के बाद, खुद SDO नेहा पंचाल को भी गिरफ्तार किया गया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करके पुष्टि की है कि उनके खिलाफ आरोप सही हैं।

इस मामले में आगे की कार्रवाई अपराधिक मामलों की अदालत में की जाएगी, जहां दोनों आरोपियों को पेश किया जाएगा। SSP संधू ने इस बात पर जोर दिया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है और विजिलेंस ब्यूरो ऐसे मामलों में प्रभावी रूप से कार्रवाई करेगा। इस प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और अधिकारियों ने सभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले का निष्कर्ष निकालने का आश्वासन दिया है।

भ्रष्टाचार के मामले में यह गिरफ्तारी न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए एक नजीर बन गई है, बल्कि इससे अन्य विभागों में भी सतर्कता का माहौल बनेगा। विजिलेंस ब्यूरो की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के प्रति गंभीर है और ऐसे मामलों में जीरो टोलरेंस नीति अपनाएगा। इसके अलावा, आम जनता से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों की सूचना देने में संकोच न करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सभी मिलकर योगदान कर सकें।