हिसार में हो सकेगा बीमार श्वानों का डायलिसिस, किडनी फेलियर से पीड़ित पालतू कुत्तों को मिलेगा नया जीवन
की सहायता से खून को फिल्टर कर इन विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकाला जाता है।
इससे न केवल पीड़ित पशु की हालत में त्वरित सुधार आता है, बल्कि उसके जीवन की अवधि
भी बढ़ जाती है।
इस अत्याधुनिक यूनिट को क्रियान्वित करने में यूनिट इंचार्ज डॉ. तरुण कुमार
व डॉ. नीलेश सिंधु की मुख्य भूमिका रही। लुवास की विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में लुधियाना
के गडवासु के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह के मार्गदर्शन में डायलिसिस का
विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। यूनिट को शुरू करने में क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स
के डॉक्टरों, पीजी स्कॉलर्स (डॉ. अरुणा, डॉ. रेमन मोर, डॉ. निखिल मुदगिल, डॉ. प्रज्वल
सिंह कोतवाल, डॉ. सुखबीर, डॉ. रत्नेश्वर व अन्य इंटर्न) तथा तकनीकी स्टाफ का सराहनीय
योगदान रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक चरण में यह सेवा श्वानों
के लिए है, लेकिन जल्द ही संसाधनों का विस्तार कर इसे अन्य पशुओं के लिए भी उपलब्ध
कराया जाएगा।
लुवास के पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश खुराना ने शनिवार काे बताया
कि लुवास की यह पहल पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह सुविधा
न केवल हरियाणा, बल्कि राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर जैसे पड़ोसी क्षेत्रों से
आने वाले पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।









