भारत की नियति है, सनातन के आधार पर आगे बढ़ना : राजकुमार मटाले

भारत की नियति है, सनातन के आधार पर आगे बढ़ना : राजकुमार मटाले

हल्द्वानी, 10 जून (हि.स.)। भारत एक प्राचीन देश है, जिसने पूरी दुनिया को दिशा दी है। वहीं भारत की यह नियति है कि उसे दुनिया में सनातन के आधार पर खड़ा होना ही है। इसके अलावा भारत की कुटुंब व्यवस्था भी दुनिया के लिए आश्चर्य का​ विषय है। यह बातें आरएसएस के हल्द्वानी में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग के समापन के अवसर पर सोमवार को मुख्य वक्ता राजकुमार मटाले अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख आरएसएस ने कहीं।

उन्होंने कहा कि कानून का पालन समाज को सहज भाव से करना चाहिए। ऐसे ही अपने कर्तव्यों का सहज भाव से पालन करना चा​हिए। ऐसा करने से भारत तेजी से मजबूती के साथ खड़ा हो पाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कई उदाहरणों के साथ बताया कि भारत की नियति है कि उसे दुनिया में सनातन के आधार पर खड़ा होना ही है।

उन्होंने पहलगांव हमले को लेकर कहा कि इसका दर्द हर देशवासी को हुआ। इसके बाद सरकार की कार्रवाई व जनता की एकजूटता के रूप में हमने एक संबंल भारत को देखा है। इसके पीछे भी कहीं न कहीं संघ की भी भूमिका रही है। सेवा के क्षेत्र में संघ शुरु से ही कार्य कर रहा है। और आज भी लोगों की मदद करने में विश्वास रखता है। उन्होंने भारत की कुटुंब व्यवस्था पर कहा कि आदर्श परिवार की यह व्यवस्था दुनिया के लिए आश्चर्य का​ विषय है। यहीं नहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वहीं कार्यक्रम अध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र पंत ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समापन समारोह में पाकर अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा पिछले 100 वर्षों में भारत की संस्कृति व समाज को जोड़ने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। आरएसएस स्वयंसेवकों ने समाज में अनुशासन, देशप्रेम, समाजसेवा जैसे तमाम कार्यों में अपना योगदान दिया है। साथ ही राष्ट्र को विभाजन से बचाने और संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट रखने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा जिस प्रकार परिवार संगठित रखने में प्रेम व त्याग की आवश्यकता होती है उसी प्रकार देश की एकता के लिए भी कठोर परिश्रम, त्याग व मेहनत की जरूरत होती है।

ज्ञात हो कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग, शालेय विद्यार्थी जो एपीएस स्कूल लामाचौड़ में गत 25मई से 9 जून 2025 संचालित था, का सोमवार को समापन हो गया। वहीं वर्ग का दीक्षांत समारोह मंगलवार 10 जून 2025 को सुबह 7.45 बजे होगा।

समापन कार्यक्रम की शुरुआत में वर्ग से प्रशिक्षण प्राप्त स्वयंसेवकों ने परेड़ व दंड संचालनए बचाव व हमले के अभ्यासए व चलते हुए अनेक रचानाएं बनाना,खेलों के प्रदर्श के दौरान इमारत बनाई और आपदा में कैसे एक दूसरे की मदद करें यह भी दिखाया।

समारोह में वर्ग के वर्गाधिकारी शिवराज, वर्ग कार्यवाह आशीष ओबराय, वर्ग पालक संजय, प्रांत प्रचारक डॉ शैलेंद्र, प्रांत प्रचारक प्रमुख नारायणजी, सहप्रांत प्रचारक चंद्रशेखर, सहप्रांत प्रचारक अल्मोड़ा हेम पांडे, विभाग प्रचारक इन्द्र मोहन, व्यवस्था प्रबन्धक यशपाल बिष्ट, सह प्रबन्धक प्रदीप जनौटी, विभाग संचालक नैनीताल डॉ रामउजागर, भगवान सहाय व आईजी कुमाऊं रि​द्धिम अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।