मां मधु का बड़ा खुलासा: फिल्मों में नहीं आना चाहती थीं प्रियंका, साउथ एक्टर विजय की तारीफ

प्रियंका चोपड़ा की मां, मधु चोपड़ा, ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी बेटी के करियर की शुरुआत से जुड़ी दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि प्रियंका ने अपने करियर की शुरुआत में फिल्मों में आने से इंकार कर दिया था। विशेष रूप से, मधु चोपड़ा ने बताया कि 2002 में प्रियंका ने तमिल फिल्म ‘थमिजहन’ में काम करने के लिए पहले मना कर दिया था। लेकिन, फिल्म के निर्माताओं ने प्रियंका के भाई के माध्यम से संपर्क किया, जिसके बाद प्रियंका के पिता ने उनसे बातचीत की। इस बातचीत के बाद प्रियंका ने अपने परिवार की इच्छा का सम्मान करते हुए इस फिल्म में काम करने के लिए हां कर दी।

मधु चोपड़ा ने विजय थलापति की भी तारीफ की, जिनके साथ प्रियंका ने अपनी पहली फिल्म की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म प्रियंका के लिए एक बड़ा अवसर थी और विजय थलापति ने इस दौरान प्रियंका को काफी मदद की। मधु ने बताया कि प्रियंका ने विजय की आदर और सम्मान के साथ बात की और वह फिल्म की शूटिंग के दौरान विजय की दोस्त भी बन गई। इस फिल्म में प्रियंका को कठोर डांस स्टेप्स सिखाने के लिए कोरियोग्राफर राजू सुंदरम जैसे पेशेवरों का सहारा लेना पड़ा। मधु का कहना था कि प्रियंका को सही डांस मूव्स के लिए मेहनत करनी पड़ी, लेकिन धीरे-धीरे उसने उन्हें सीख लिया और शूटिंग के दौरान खुद को ढाल लिया।

मधु ने आगे कहा कि जब प्रियंका डांस स्टेप्स को ठीक से नहीं कर पाती थीं तो उन्हें डांट भी पड़ती थी। इसलिए फिल्म निर्माताओं से अनुरोध किया गया कि प्रियंका को कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि वह शाम को अपने कमरे में प्रैक्टिस कर सके। इसी प्रयास के तहत प्रियंका ने सभी मूव्स को सही तरीके से सीख लिया। इस फिल्म के बाद, प्रियंका को दर्शकों का काफी प्यार मिला, जिसने उसे अभिनय में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया।

प्रियंका की यह तमिल फिल्म उनके करियर की एकमात्र फिल्मों में से एक थी, जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों में ही कार्य करना शुरू किया। अब प्रियंका फिर से तेलुगु सिनेमा में वापसी कर रही हैं। उनकी नई फिल्म को एसएस राजामौली के निर्देशन में बनाया जा रहा है, जिसका शीर्षक SSMB 29 रखा गया है। जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के सामने आएगी, और प्रियंका के फैंस को उनकी नई भूमिका का बेसब्री से इंतजार है। यह उनके करियर के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है, जो खानदान से अलग हटकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हो सकती है।