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जींद : मजदूर दिवस पर मजदूरों ने शहर में किया प्रदर्शन

जींद, 01 मई । मजदूर संगठन सीटू ओर कर्मचारी संगठन सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के आह्वान पर श्रमिकों, कर्मियों ने शुक्रवार को मजदूर दिवस पर साम्राज्यवादी हमलों और दमन के खिलाफ शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन से पहले नगर परिषद परिसर में रोष सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए एक मिनट का मौन धारण किया गया। रोष सभा को संबोधित करते हुए कपूर सिंह, संजीव ढांडा, विक्रम सिंह, मनदीप नेहरा ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मजदूरों के मानवाधिकारों के हनन और राज्य प्रायोजित दमन की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सत्ता और बड़े पूंजीपतियों के गठबंधन द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन केवल कॉर्पोरेट लूट को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। अमेरिकी साम्राज्यवाद विश्व में प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे के लिए युद्ध कर रहा है। इसी कड़ी में ईरान के विरुद्ध अमेरिकी सरकार की सैन्य आक्रामकता, हवाई हमलों और आर्थिक नाकेबंदी की आलोचना की गई है। इस युद्ध का सबसे बुरा असर मेहनतकश जनता पर पड़ रहा है। हम सब मिलकर इन पूंजीवादी हमलों, शोषण और भेदभाव के विरुद्ध शांतिख् लोकतंत्र और बेहतर जीवन स्थितियों के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

सर्व कर्मचारी संघ की नेता सुनीता कालीरमन और सीटू की जिला उपप्रधान नीलम ने कहा कि महिला बिल की बात करने वाली केंद्र ओर राज्य की सरकारें लगातार महिलाओं का शोषण कर रही हैं। स्कीमो में लगी करोड़ों महिलाओं को नाममात्र वेतन दिया जाता है। मिड-डे मिल की महिलाओ को मिलने वाला नाममात्र मानदेय भी कई महीनों से अटका रहता है। केंद्र सरकार का एक हजार रूपये छह-छह महीने में मिलता है, आशा वर्करों को ऑनलाइन काम न करने पर धमकी दी जाती है। उनका सरकार भारी शोषण कर रही है। मजदूर नेताओं ने गुलामी की दास्तान लेबर कोड्स रद्द करने, मनरेगा की बहाली, वीबी रामजी रद्द हो, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, सभी के लिए पक्का रोजगार का प्रबंध करने व परियोजना कर्मयों को भी न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने, निर्माण मजदूर का बंद पोर्टल चालू करने की मांग की।