4 मार्च से मौसम में होगा बदलाव, बारिश का अलर्ट और तापमान में गिरावट!
राजस्थान के चार जिलों, जिसमें भरतपुर और धौलपुर शामिल हैं, में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते सर्दी की एक बार फिर वापसी हुई है। मौसम के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सोमवार और मंगलवार के दौरान मौसम सामान्य रहने का अनुमान है, जो पारे में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी भी कर सकता है। हालांकि, 4 और 5 मार्च को उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं फिर से प्रभावी हो सकती हैं, जिससे तापमान में फिर से 2-3 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी।
राजस्थान में 28 फरवरी और 1 मार्च को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद से मौसम ने अचानक बदलाव लिया है। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक घट गया, जिससे सर्दी की स्थिति और बढ़ गई। अलवर, सीकर, पिलानी (झुंझुनूं), और चूरू जैसे शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, और यह 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। रात का तापमान भी 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच आ चुका है।
साल की शुरुआत में, जनवरी और फरवरी के महीने में सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश हुई, जो राजस्थान के लिए चिंताजनक स्थिति है। सामान्यत: इन दो महीनों में बारिश की औसत मात्रा 9.3 मिमी होती है, लेकिन इस वर्ष केवल 4.5 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई। इससे साफ है कि मौसम में एक असमानता दिखाई दे रही है, जो कृषि और जल स्रोतों के लिए चिंता का विषय है।
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के बीच बारिश की स्थिति का आकलन करने पर, पूर्वी राजस्थान में पश्चिमी राजस्थान की तुलना में अधिक बारिश हुई है। यह असमानता भी राज्य की जलवायु में बदलाव को दर्शाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। ऐसे में, मौसम की अटकलें और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के उपाय महत्वपूर्ण बन गए हैं।
राजस्थान के निवासियों के लिए यह मौसम की स्थिति एक नए चक्र का संकेत है। ठंड का लौटना और मौसम में बदलाव, न केवल सभी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, बल्कि कृषि उत्पादन पर भी असर डाल सकता है। इसलिए, सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाएं और लोगों को उचित जानकारी दें।









