काली कंबल वाले बाबा के आरोग्य शिविर का समापन
पलामू, 08 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत हुसैनाबाद के कर्पूरी मैदान में एक से आठ अक्टूबर तक आयोजित काली कंबल वाले बाबा के सानिध्य में निःशुल्क आरोग्य शिविर का गुरुवार को समापन हो गया।
आठ दिनों तक चले इस सेवा अभियान में लाखों की संख्या में श्रद्धालु और मरीज हुसैनाबाद पहुंचे। समापन दिवस पर भी कर्पूरी मैदान में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली।
इस आठ दिवसीय आरोग्य शिविर का आयोजन पूर्व मंत्री सह भाजपा नेता कमलेश कुमार सिंह और युवा नेता सूर्या सिंह के सौजन्य से किया गया। झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद लेकर हुसैनाबाद पहुंचे।
शिविर के शुभारंभ के साथ ही एक अक्टूबर से हुसैनाबाद में बाहर से आने वाले लोगों की भीड़ बढ़ने लगी थी। प्रत्येक सुबह रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरने वाले श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिख रही थीं।
स्टेशन से लेकर कर्पूरी मैदान तक लोगों की लगातार आवाजाही बनी रही। आठ दिनों तक हुसैनाबाद के चौक-चौराहों और बाजारों में आरोग्य शिविर की चर्चा रही। दूर-दराज से आने वाले लोग लगातार कर्पूरी मैदान की ओर जाते दिखाई दिए। समापन दिवस पर भी बड़ी संख्या में लोग शिविर स्थल पर पहुंचे।
समापन दिवस पर एक भावुक और मानवीय प्रसंग भी देखने को मिला। काली कंबल वाले बाबा की माता का गुरुवार काे निधन हो गया।
अपने जीवन के इस अत्यंत दुखद क्षण के बावजूद बाबा ने कर्पूरी मैदान पहुंचे श्रद्धालुओं को निराश नहीं किया।
उन्होंने अपनी सेवा जारी रखते हुए श्रद्धालुओं को कंबल ओढ़ाया और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का कार्य किया।
बाबा के इस सेवा भाव और समर्पण को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भावुक हो उठे। कर्पूरी मैदान में बाबा की माता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई और श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
लोगों ने बाबा और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
आरोग्य शिविर के समापन अवसर पर पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने काली मां के भक्त काली कंबल वाले बाबा को मां काली की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बाबा के सेवा भाव और लोगों के प्रति समर्पण की सराहना की।
कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि मां काली के प्रति बाबा की आस्था और जरूरतमंद लोगों की सेवा का उनका संकल्प श्रद्धा और सेवा का उदाहरण है।
माता के निधन के दुख के बीच भी बाबा की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा जारी रखना उनके समर्पण को दर्शाता है।
आरोग्य शिविर के साथ पूरे आठ दिनों तक प्रतिदिन शाम छह बजे से रात 9 बजे तक भव्य श्रीराम कथा का भी आयोजन किया गया। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया।
दिन में आरोग्य शिविर और शाम को श्रीराम कथा के कारण कर्पूरी मैदान में पूरे आठ दिनों तक सेवा, आस्था और आध्यात्मिक गतिविधियों का माहौल बना रहा।
आठ दिवसीय सेवा अभियान को सफल बनाने में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










