सड़क-पुल निर्माण में खराब गुणवत्ता पर तय होगी जिम्मेदारी: सतपाल महाराज
देहरादून, 08 अक्टूबर । लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में निर्मित सभी पुलों का समय-समय पर निरीक्षण करने और लंबित एवं निर्माणाधीन सड़कों की जनपदवार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़क और पुल निर्माण में गुणवत्ता से समझौता मिलने पर जिम्मेदारी तय करने को कहा।
देहरादून की यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) सभागार में गुरुवार को विभागीय समीक्षा बैठक में सतपाल महाराज ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री, डामरीकरण, सड़क की मोटाई, लैब टेस्ट और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन वाले स्थानों पर पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने तथा रोड साइनेज को निर्धारित मानकों के अनुरूप लगाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के बाद महाराज ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आपदा से प्रदेश में कुल 2,360 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 2,329 मार्ग यातायात के लिए खोल दिए गए हैं। करीब 199 सड़कों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गड्ढा पैचवर्क ऐप के माध्यम से प्राप्त 1,953 शिकायतों में से 1,327 का समाधान कर दिया गया है, जबकि शेष 626 मामले संबंधित अन्य विभागों को हस्तांतरित किए गए हैं। प्रदेश में 34 निष्प्रयोज्य पुलों में से 21 पुलों को पुन: उपयोग में लाया जा रहा है।
महाराज ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों को यातायात के लिए खोलने और उन्हें पूर्व स्थिति में लाने के लिए 461.87 करोड़ रुपये की धनराशि की आवश्यकता है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे, प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता रंजीत रावत, मुकेश परमार सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।










