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महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान को समयानुकूल बनाया जाए : मंत्री पटेल

भोपाल, 13 जुलाई । मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान की समीक्षा बैठक में संस्थान की गतिविधियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संस्थान में होने वाले शोध कार्य राज्यहित से जुड़े विषयों पर केंद्रित हों, जिससे उनके निष्कर्ष नीति निर्माण और ग्रामीण विकास की योजनाओं में उपयोगी सिद्ध हो सकें। मंत्री पटेल ने कहा कि स्वच्छता, चिन्हित क्षेत्रों की विकास संबंधी चुनौतियों तथा सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल स्रोतों की वास्तविक स्थिति जैसे विषयों पर शोध कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के समन्वय से संस्थान में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे प्रतिभागियों को बहुआयामी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।

मंत्री पटेल ने कहा कि संस्थान की स्थापना को तीन दशक पूर्ण हो चुके हैं। ऐसे में वर्तमान समय की आवश्यकताओं और नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संस्थान के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण का विस्तृत प्रारूप तैयार कर भारत सरकार को भेजा जाए।

बैठक में संस्थान की प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब तक 602 प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से 18,981 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। संस्थान द्वारा पेसा एक्ट, साइबर साक्षरता, बाल संरक्षण अधिनियम तथा बाल सभा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मंत्री पटेल ने विशेष रूप से बाल संरक्षण अधिनियम एवं बाल सभा से संबंधित प्रशिक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों की सराहना करते हुए इन्हें और व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में संस्थान की आगामी कार्ययोजना, शोध गतिविधियों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक परिणामोन्मुख बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।