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(लीड) बदरीनाथ धाम चढ़ावा मामले में आरोपित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

देहरादून, 13 जुलाई । उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम के चढ़ावा में कथित हेराफेरी मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित से बदरीनाथ लाकर गहन पूछताछ की। इसके बाद उसे गोपेश्वर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपित को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार, पुरसाड़ी भेज दिया।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार आठ जुलाई को मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर बदरीनाथ कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 और 316(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दो जुलाई को थाली भेंट की गणना के दौरान मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने धनराशि और अन्य भेंट सामग्री को अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार फुटेज में आरोपित कई बार गणना कक्ष से मोबाइल फोन के नीचे तथा जेब में छिपाकर नकदी और अन्य भेंट सामग्री बाहर ले जाता दिखाई दिया। जांच में 500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला तथा केसर के पैकेट कब्जे में लेने के साक्ष्य भी मिले हैं।

पुलिस ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 12 जुलाई की रात आरोपित को उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

पुलिस अधीक्षक पंवार ने बताया कि दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इस बीच बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि मामला सामने आते ही संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार कर्मचारी को स्थायी नियुक्ति पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष एवं वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल में मिली थी।

श्री बद्रीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष पंडित आशुतोष डिमरी ने मंदिर समिति की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि प्रारंभिक स्तर पर निलंबन उचित कदम था। उन्होंने भविष्य में चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की। उनका कहना है कि अध्यक्ष के पद पर बने रहने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में आरोपित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी की गई है और जांच जारी है।

भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस का मानना है कि आरोपित कर्मचारी की कथित करतूत के लिए उसे स्थायी नियुक्ति देने वाले तत्कालीन पदाधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं, तो मुख्यमंत्री, सरकार और वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष को भी इस मामले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप उचित नहीं हैं।

इस मामले की जांच पुलिस की एसआईटी के साथ-साथ मुख्यमंत्री के निर्देश पर गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी कर रही है।