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गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से: राजस्थान में तेज होगा गायत्री साधना अभियान

जयपुर, 13 जुलाई । अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से 15 जुलाई गुप्त नवरात्रि से पूरे राजस्थान में एक व्यापक सामूहिक साधना अभियान शुरू होने जा रहा है। ‘वंदनीय माताजी जन्म शताब्दी साधना अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत प्रदेशभर के शक्तिपीठों, प्रज्ञा संस्थानों और चेतना केंद्रों पर विशेष साधना की जाएगी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने घरों में भी नियमित गायत्री मंत्र का जप और अनुष्ठान करेंगे। इस महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, लोक कल्याण, राष्ट्रोत्थान तथा समाज में आध्यात्मिक जागरण को गति देना है। अभियान की विधिवत शुरुआत से पहले, 14 जुलाई को प्रातः साढ़े 7 से साढ़े 8 बजे तक गायत्री चेतना केंद्र, दुर्गापुरा में एक सामूहिक संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संकल्प के बाद 15 जुलाई से साधना और अनुष्ठान का दौर शुरू होगा। दुर्गापुरा चेतना केंद्र के अनुसार, अब तक 21 साधकों ने सवा लाख गायत्री मंत्र अनुष्ठान, 5 साधकों ने 24 हजार मंत्रों के लघु अनुष्ठान और कई श्रद्धालुओं ने 40 दिनों तक प्रतिदिन 11 माला जप करने के संकल्प ले लिया हैं।

इसी कड़ी में, वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केंद्र, मानसरोवर में भी सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की भावना के साथ 9 अगस्त तक सवा करोड़ गायत्री महापुरश्चरण अनुष्ठान निरंतर जारी है। इस विशेष अनुष्ठान के तहत प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार गायत्री मंत्र का सामूहिक जप किया जा रहा है।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि सामूहिक जप, यज्ञ और तप का प्रभाव हमेशा से कल्याणकारी रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज, राष्ट्र और विश्व में सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक अभियान से जुड़कर अपने घरों में साधना, संस्कार और सकारात्मक चेतना का वातावरण निर्मित करें। इसके लिए कार्यकर्ताओं और साधकों से एक वर्ष तक प्रतिदिन 11 माला गायत्री महामंत्र जप का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है। जो साधक शुरुआत में 11 माला करने में असमर्थ हैं, उन्हें प्रतिदिन 5 माला से साधना शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।