एलआईसी फर्जीवाड़ा मामले में पति को छह वर्ष और पत्नी को तीन वर्ष की सजा
पश्चिमी सिंहभूम, 21 जुलाई । भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की चाईबासा शाखा में वर्ष 2017 में हुए धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में पश्चिमी सिंहभूम के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) अक्षत श्रीवास्तव की अदालत ने दीपक कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी सुनैना गुप्ता को दोषी करार देते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दीपक कुमार गुप्ता को विभिन्न धाराओं में कुल 06 वर्ष और पत्नी सुनैना गुप्ता को 03 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला सदर थाना कांड संख्या 03/2017 से संबंधित है, जिसे 4 जनवरी 2017 को एलआईसी चाईबासा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक मणिशंकर प्रसाद की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में दीपक कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी सुनैना गुप्ता पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद मामले की नियमित सुनवाई हुई।









