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मंडा मेला में विवाद, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल से मामला हुआ शांत

खूंटी, 15 अप्रैल । कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक मंडा मेला बुधवार को अचानक विवाद हो गया। आस्था और सामाजिक समरसता के प्रतीक इस मेले में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मेला परिसर में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामूली विवाद बढ़ गया और मामला सीधे जरियागढ़ थाना पहुंच गया, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। इससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि तत्काल सक्रिय हो गए। सांसद प्रतिनिधि विक्रम नाग, तोरपा एसडीपीओ ख्रीस्तोफर केरकेट्टा और अंचल अधिकारी अन्वेषा ओना तुरंत जरियागढ़ थाना पहुंचे। उनके साथ जरियागढ़ पंचायत की मुखिया सुनीता चोचा और गोविंदपुर पंचायत की मुखिया मीना देवी भी मौजूद रहीं।

थाना परिसर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पहले दोनों पक्षों की अलग-अलग बातें सुनीं, इसके बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल की। समझाने और आपसी संवाद के माध्यम से विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने कहा कि जरियागढ़ का मंडा मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों में छोटे-मोटे विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाना ही परंपरा की असली पहचान है।

थाना प्रभारी बिरेन्द्र कुमार ने भी दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने की अपील की। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका के चलते संभावित बड़ा विवाद टल गया और मेले में पुनः शांति बहाल हो गई।

मौके पर सुरक्षा के मद्देनजर कर्रा थाना प्रभारी दीपककांत, तोरपा थाना प्रभारी मुकेश यादव, लोधमा पिकेट प्रभारी नीशा देवी, पुअनि अनंत पंडित सहित सशस्त्र बल तैनात रहा।