जयपुर में पुलिस की दबंगई: सटोरिए से 25 लाख वसूली, 3 कॉन्स्टेबल सस्पेंड, ASI लाइन हाजिर!
जयपुर में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) साउथ के पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक गंभीर मामला सामने आया है। इन पुलिसवालों पर एक सटोरिए से 25 लाख रुपये की जबरन मांग करने का आरोप लगा है। सटोरिए ने शिकायत में कहा है कि इन पुलिसकर्मियों ने उसका अपहरण करके पैसे लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप के अनुसार, शिकायतकर्ता संदीप बच्यानी, जो कि एक सटोरिया है, ने यह बताया कि उसे धमकाकर पुलिसकर्मियों ने पैसे मांगे। संदीप ने यह भी कहा कि इन पुलिसकर्मियों ने उसे आश्वासन दिया था कि अगर वह पैसे देता है, तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। संदीप ने उनकी धमकी के आगे झुककर 25 लाख रुपये उन्हें दे दिए। इसके बाद संदीप ने जयपुर कमिश्नर को पूरी घटना की सूचना दी और सभी सबूत प्रस्तुत किए, जिसके परिणामस्वरूप एफआईआर दर्ज की गई।
यह घटना तब प्रकाश में आई जब शिवदासपुरा थाना के सीआई बृज मोहन कविया ने बताया कि सीनियर अधिकारियों के आदेशानुसार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने तीन कॉन्स्टेबलों ओमप्रकाश, बुधराम और राजेश चौधरी को तुरंत निलंबित कर दिया है, जबकि एएसआई नानूराम और हेड कॉन्स्टेबल हरिओम को लाइन में भेज दिया गया है। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि पुलिस दल के कुछ सदस्य कानून का उल्लंघन करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।
संदीप बच्यानी अपने काम के सिलसिले में पिछले कुछ समय से नानूराम और हरिओम के संपर्क में था। उसने बताया कि हाल ही में इन पुलिसकर्मियों ने उसे उसके घर के बाहर बुलाकर धमकाया और जबर्दस्ती पैसे की मांग की। जब उसने देने से इंकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी। डर के कारण उसे अंततः पैसे देने पड़े, लेकिन उसकी यह कार्रवाई पुलिस के सच्चे रंग को उजागर करती है।
सन्देश यह है कि जब स्वतंत्रता और संविधान के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो इसके खिलाफ आवाज उठाने का हक हर नागरिक को है। संदीप के इस कदम ने दिखाया कि भले ही वह एक सटोरिया है, लेकिन उसे अपने अधिकार और पुलिस की गलत कार्रवाई के खिलाफ लड़ने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। पुलिस विभाग के लिए यह गंभीर चिंतन का विषय है कि ऐसे कर्मचारी जो अपने ही विभाग की छवि को धूमिल कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घटना से संबंधित जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चालू है।









