सूर्यवंशम से राजेश खट्टर का खुलासा: बिग बी से मिलते वक्त घबराए थे!
अमिताभ बच्चन के प्रशंसक उनकी फिल्म ‘सूर्यवंशम’ में उनके दोहरी भूमिकाओं की अदाकारी की खूब तारीफ करते हैं। यह फिल्म आज भी दर्शकों के बीच अद्भुत स्मृतियों को जीवित रखती है। हाल ही में, अभिनेता राजेश खट्टर ने इस फिल्म से जुड़ा एक खास किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनके लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें अमिताभ बच्चन ने अपने करियर का पुनरागमन किया था, और उन्हें इसमें उनके भाई की भूमिका निभाने का अवसर मिला था।
राजेश खट्टर ने ‘फ्राइडे टॉकीज’ के साथ बातचीत में बताया कि जब फिल्म के मेकर्स ने उनसे संपर्क किया और कहा कि उन्हें अमिताभ बच्चन के भाई और बेटे दोनों की भूमिकाएं निभानी हैं, तो उन्होंने पहले ही फिल्म देखने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वह उस सुनहरे अवसर को नहीं गंवाना चाहते थे, जो उन्हें बिग बी के साथ काम करने का मिला था। उन्होंने यह भी साझा किया कि ‘सूर्यवंशम’ तब रिलीज हुई थी जब अमिताभ बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबे ब्रेक के बाद वापसी की थी, और वह उनके लिए एक नई शुरुआत थी।
राजेश ने संकेत किया कि शायद अगर अमिताभ बच्चन फिर से फिल्मों से दूर जाने का निर्णय लेते, तो वह उस मौके को चूकने का जोखिम नहीं उठा सकते थे। इसलिए उन्होंने हर हाल में इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का फैसला किया। राजेश ने उल्लेख किया कि फिल्म के पहले दिन उन्हें अमिताभ बच्चन से औपचारिक रूप से परिचय नहीं कराया गया। वह केवल उस दृश्य की तैयारी कर रहे थे, जिसमें उन्हें बिग बी के किरदार पर चिल्लाना था। इस वजह से वह थोड़े बैचेन हो गए थे, लेकिन दो टेक के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इस दौरान, राजेश खट्टर ने अमिताभ बच्चन के साथ हुए उनके पहले साक्षात्कार को याद किया, जो उनके लिए बेहद खास था। उन्होंने बताया कि उस पल की यादें आज भी उनके रोंगटे खड़े कर देती हैं। दिलचस्प बात यह है कि 1999 का साल अमिताभ बच्चन के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था। उस समय उनकी कंपनी ABCL दिवालिया हो गई थी और वह भारी कर्ज के बोझ तले दब गए थे। केवल चार फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं दिया, जिनमें ‘मृत्युदाता’, ‘मेजर साब’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, और ‘लाल बादशाह’ शामिल थीं।
हालांकि, ‘सूर्यवंशम’ ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक नई दिशा प्रदान की और यह उनकी वापसी की फिल्म बनी। राजेश खट्टर के अनुभव और उनके द्वारा साझा किए गए किस्से इस फिल्म की ऐतिहासिक महत्ता को और भी उभारते हैं। आज भी, दर्शक अमिताभ बच्चन की अदाकारी को सराहते हैं, और ‘सूर्यवंशम’ का यह किस्सा फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के तौर पर याद किया जाएगा।









