महिलाओं के गहने लूटने वाला शातिर आरोपी पकड़ा गया, कई वारदातों का कबूलनामा!

अजमेर में क्लॉक टावर थाने की पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को लालच देकर उनके गहने उतरवाने का प्रयास कर रहा था। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय राहुल गुजराती के रूप में हुई है, जो नई दिल्ली का निवासी है। यह घटना तब सामने आई जब पुलिस की गश्ती टीम बाजार में निरीक्षण कर रही थी और आरोपी को महिलाओं के साथ धोखाधड़ी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार युवक ने अपनी जांच के दौरान कुबूल किया कि वह अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ऐसे अपराधों को अंजाम दे चुका है।

क्लॉक टावर पुलिस थाने के प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम के ASI रामबाबू और अन्य सदस्यों की गश्ती के दौरान यह घटना सामने आई। आरोपी ने अपनी बातों में कहा कि वह अकेली और वृद्ध महिलाओं को पैसे का लालच देकर उन्हें भीड़ से दूर ले जाकर अपने गैंग के दो सदस्यों को नज़दीक बुलाता है। ये साथी महिला को नकली नोटों की गद्दी देकर उनसे गहने उतरवा लेते हैं और फिर मौके से भाग जाते हैं। इस तरह के अपराध को अंजाम देने के लिए उन्होंने शहर के विभिन्न इलाकों में कई बार यह योजना बनाई थी।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसके साथी ने गंज, कोतवाली, अलवर गेट और किशनगढ़, ब्यावर, नसीराबाद जैसे थाना क्षेत्रों में कई वारदातें की हैं। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों की जानकारी और उनके द्वारा किए गए अपराधों का खुलासा किया जा सके। पुलिस अपराधों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए सामान्य नागरिकों को सतर्क रहने और ऐसे धोखेबाजों से बचने की सलाह भी दे रही है।

अजमेर पुलिस के इस अभियान से साफ संकेत मिलता है कि वह अपराधियों की पहचान और पकड़ने में कितना संवेदनशील है। राहुल की गिरफ्तारी से यह सुनिश्चित हो गया है कि पुलिस किसी भी प्रकार के अपराध से निपटने के लिए तत्पर है। फिलहाल, पुलिस गहन छानबीन कर रही है कि कहीं और तो इस तरह के धोखाधड़ी के मामले हुए हैं या नहीं। यह मामला साबित करता है कि महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और पुलिस की सक्रियता बेहद अहम है, जिससे समाज में ऐसे अपराधियों का मुकाबला करना संभव हो सके।

अंत में, ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए आम जनता को भी सतर्क रहना होगा और ऐसे संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। पुलिस प्रशासन का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।