जावेद अख्तर ने ‘लगान’ को लेकर आमिर से की भविष्यवाणी, बिग बी की आवाज़ पर उठाए सवाल!

आमिर खान ने हाल ही में अपनी प्रसिद्ध फिल्म ‘लगान’ के निर्माण के दौरान की चुनौतियों और आशंकाओं के बारे में चर्चा की। उनका कहना है कि जब यह फिल्म बन रही थी, तब मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यह फिल्म सफल नहीं होगी। जावेद ने उन्हें बताया कि जिस तरह अमिताभ बच्चन ने नैरेटर की भूमिका निभाई है, उन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर सफल होना कठिन साबित हुआ है। आमिर खान ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में इस अनुभव को बेहद डरावना बताया। उन्होंने कहा कि जावेद अख्तर का फोन आना उनके लिए और भी चिंताजनक था, जब उन्होंने आमिर से सीधा सवाल किया, “तुम यह फिल्म क्यों बना रहे हो? यह फिल्म नहीं चलेगी।”

जावेद अख्तर ने ‘लगान’ के बारे में कई तर्क दिए कि यह क्यों नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स पर आधारित फिल्में, खासकर क्रिकेट के बारे में बनी फिल्में, कभी भी सफल नहीं होती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म में आमिर ने अवधी भाषा का प्रयोग किया है, जो दीगर दर्शकों की समझ से परे होगी। जावेद ने यह तर्क भी रखा कि अन्य निर्माता और निर्देशकों ने अपने फिल्मों की शूटिंग स्विट्जरलैंड में DKNY के कपड़े पहनकर की है, जबकि आमिर गांव में धोती पहनकर शूट कर रहे हैं। यह तथ्य और अधिक निराशाजनक था कि आमिर ने अमिताभ बच्चन को फिल्म का नैरेटर बनाया है, जोकि खुद भी एक खतरा हो सकता है।

आमिर ने इस बातचीत में आगे बताया कि जब उन्होंने अमिताभ बच्चन को नैरेटर बनने का प्रस्ताव दिया, तो उनका पलट जवाब भी लगभग वही था। अमिताभ ने कहा, “मैं यह काम कर दूंगा, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन याद रहे, जिस फिल्म में मैं नैरेटर रहा हूं, वो फिल्में सफल नहीं हो सकीं।” इस सबके बावजूद, आमिर ने कहा कि उन्हें फिल्म की कहानी पर पूरा विश्वास था। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके लिए लगान की कहानी उसके महत्व, उसके संदेश और उसके निर्माण के प्रति उनके समर्पण के लिए इतनी महत्वपूर्ण थी कि वह जावेद और अमिताभ के तर्कों को नजरअंदाज करने में सक्षम थे।

‘लगान’ की कहानी में भारतीय किसानों की संघर्ष और संघर्ष के तरीके को दर्शाया गया है। यह फिल्म वर्ष 2001 में रिलीज हुई थी और इसे 2002 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज केटेगरी में ऑस्कर के लिए नामित किया गया था, हालांकि यह पुरस्कार जीतने में विफल रही। इस फिल्म ने ना केवल भारतीय सिनेमा में एक नई दिशा दी बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक विशेष स्थान बनाया। आमिर की यह कहानी और उनके संघर्ष निश्चित ही इस बात की साक्षी है कि कभी-कभी डर और आशंकाएं आपको आपकी सबसे बड़ी सफलताओं की ओर ले जा सकती हैं।