हैप्पी पशियां का गिरोह धर दबोचा: सात तस्कर गिरफ्तार!
**भास्कर न्यूज | अमृतसर**: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने दो थानों की सहायता से महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 4.5 किलो हेरोइन, एक कार और 6 मोबाइल फोन के साथ 7 तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर सरहदी इलाकों से हेरोइन लाकर उसे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करने का कार्य कर रहे थे। इस कार्यवाही में लुधियाना का एक तस्कर भी गिरफ्त में आया, जबकि अन्य चार तस्कर अमरीका में स्थित खालिस्तानी आतंकवादी हैप्पी पशियां के सहयोगी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी 20 से 23 साल की आयु के हैं। एसएसपी ग्रामीण मनिंदर सिंह ने बताया कि थाना घरिंडा के एसएचओ अमोलकदीप सिंह ने पुलिस बल के साथ मिलकर मोड़ पिंड पधरी और चौक अड्डा घरिंडा के पास नाकाबंदी की थी। इस नाकाबंदी के दौरान कार सवार हरप्रीत सिंह, जश्नदीप सिंह और अकाशदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों से पुलिस को लगभग 3 किलो हेरोइन मिली। पूछताछ में यह सामने आया कि ये सभी तस्कर जेल में बंद बड़े तस्कर गुरदीप रानों के लिए कार्य कर रहे थे।
इसी क्रम में थाना रमदास की पुलिस ने भी कार्रवाई की, जिसमें एक किलो 544 ग्राम हेरोइन और 6 मोबाइल के साथ चार आरोपियों को पकड़ा गया। इन आरोपियों में गुरप्रीत सिंह, राजन, भगवान सिंह और रूपिंदर सिंह शामिल हैं। ये सभी अमरीका में बैठे खालिस्तानी आतंकवादी हैप्पी पशियां के गुर्गों के रूप में पहचाने जा रहे हैं। यह सब साफ दर्शाता है कि नशे के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय लिंक जुड़ रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ा चुनौती बनता जा रहा है।
पुलिस ने यह पूरी कार्रवाई नशे के खिलाफ अभियान के तहत की है, जो समाज में बढ़ते नशे के मामलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने खालिस्तानी ग्रुप से जुड़े तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काम कर रही है, ताकि नशे की तस्करी के इस जाल को खत्म किया जा सके। पुलिस का ध्यान अब इस बात पर भी है कि किस तरह से ये तस्कर न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपने नशे के कारोबार को चला रहे हैं।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब पुलिस नशे के खिलाफ अपनी कार्यवाही को और अधिक मजबूत बना रही है, जिससे समाज में नशे के प्रकोप को कम किया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाईयां भविष्य में न केवल तस्करी के खिलाफ प्रभावी हो सकती हैं, बल्कि सामुदायिक जागरूकता को भी बढ़ावा देंगी। एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि इस तरह के कदम उठाने से न केवल तस्करों पर लगाम लगेगी, बल्कि युवा पीढ़ी को भी नशे की लत से दूर रखने में मदद मिलेगी।









