पंजाब में बारिश की कमी से तापमान बढ़ा, बांध सूखे; बिजली संकट की आहट!
पंजाब के वातावरण में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जो पिछले तीन दिनों में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुकी है। अगले कुछ दिनों के लिए भी यह गर्मी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में मौसम में कोई भी बारिश की उम्मीद नहीं है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। लेकिन इसका प्रभाव पंजाब में देखने को नहीं मिलेगा। जलवायु परिवर्तन के कारण इस वर्ष उत्तर भारत में बारिश की कमी ने बांधों में पानी के स्तर को काफी कम कर दिया है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से अब तक पंजाब में 26.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविकता में केवल 8.8 मिमी बारिश हुई है, जो कि 66 प्रतिशत कम है। हिमाचल प्रदेश में भी यही स्थिति है, जहाँ बारिश में 73 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसका प्रभाव प्रमुख बांधों जैसे रंजीत सागर, भाखड़ा और पौंग पर पड़ रहा है, जहाँ जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी निम्न है। इन जलाशयों में पानी की कमी ने सिंचाई और बिजली उत्पादन में गंभीर संकट उत्पन्न किया है, खासकर गर्मियों के मौसम में पंजाब की पनबिजली उत्पादन की मांग बढ़ जाती है।
बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) ने सदस्य राज्यों, जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ हैं, को सावधान रहने की सलाह दी है। बारिश और बर्फबारी जलाशयों में पानी के प्रवाह के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय जल आयोग की निगरानी में चार प्रमुख जलाशयों की कुल क्षमता 14.819 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) है, जबकि वर्तमान में इनमें केवल 3.826 BCM पानी उपलब्ध है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है, जब 6.357 BCM पानी उपलब्ध था।
जल स्तर में गिरावट की स्थिति गंभीर है। रंजीत सागर डैम में जल स्तर फिलहाल फुल रिजर्वायर लेवल के केवल 16 प्रतिशत पर है। पिछले वर्ष यह 26 प्रतिशत था, जबकि सामान्य औसत 38 प्रतिशत होता है। भाखड़ा डैम और पोंग डैम में भी जल स्तर में लगातार कमी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में, पंजाब के विभिन्न शहरों जैसे अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली में मौसम का हाल आंशिक बादल और साफ आसमान के साथ रहेगा।
अमृतसर और जालंधर में तापमान 8 से 23 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जबकि लुधियाना में अधिक बदलाव नहीं होगा और तापमान 10 से 23 डिग्री के आस-पास रहेगा। पटियाला में हल्की बढ़ोतरी के साथ तापमान 8 से 24 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। मोहाली में भी तापमान लगभग 10 से 25 डिग्री के बीच रहेगा। इन समस्त परिस्थितियों में, पानी की कमी और बढ़ते तापमान ने असामान्य मौसम की स्थिति को जन्म दिया है, जो भविष्य में कृषि और ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिए चुनौती बन सकता है।









