‘हीरो नहीं, विलेन बनकर भी लोकप्रियता पाने की चाहत’: इश्वाक सिंह उर्फ ‘अंसारी’ का खुलासा!
इश्वाक सिंह ने अपनी प्रतिभा के दम पर ‘पाताल लोक’, ‘बर्लिन’ और ‘रॉकेट बॉयज’ जैसी चर्चित वेब सीरीज एवं फिल्मों में एक मजबूत पहचान बनाई है। विभिन्न शैलियों की कहानियों में खुद को अनुकूलित करने वाले इश्वाक हाल ही में ‘खलनायक’ फिल्म के प्रसिद्ध गाने ‘पालकी में होके सवार’ के नए संस्करण में भी नजर आए। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर, फिल्म उद्योग में हो रहे बदलाव और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने पूछा गया था कि क्या ‘पाताल लोक 2’ और ‘बर्लिन’ की सफलता के बाद उन्हें कुछ परिवर्तन महसूस हो रहे हैं? इस पर इश्वाक ने कहा कि यह एक सकारात्मक अनुभव है जब लोग आपके काम की सराहना करते हैं। उन्हें इस बात की खुशी है कि न केवल उनकी परफॉर्मेंस बल्कि पूरी फिल्म या शो को सराहा जा रहा है। इस समय में वह इस सफर का आनंद ले रहे हैं और इसे एक विकसित प्रक्रिया के रूप में देखते हैं।
इश्वाक ने आगे बताया कि उद्योग में अब निर्माता अलग तरह की सोच के साथ प्रोजेक्ट्स के लिए संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जो ऑफर्स उन्हें मिल रहे हैं, वे पहले से काफी विविध और रोचक हैं। जैसे ही एक प्रोजेक्ट सफल होता है, मेकर्स का उन पर भरोसा बढ़ता है ताकि वे विभिन्न प्रकार के कैरेक्टर निभा सकें। उन्हें इस बात में दिलचस्पी है कि अब आगे कौन सा नया किरदार उन्हें निभाने को मिलेगा, और वह एक विलेन की भूमिका भी निभाने की इच्छा रखते हैं। वह चाहते हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ एक हीरो के रूप में नहीं बल्कि एक विलेन के रूप में भी पहचानें, जिससे उन्हें अपने अभिनय के कौशल को अलग- अलग रूप में परीक्षण करने का अवसर मिले।
इश्वाक ने अपने टाइपकास्ट होने के डर के बारे में भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी भी ऐसा डर नहीं लगा क्योंकि अच्छे फिल्ममेकर जानते हैं कि एक अभिनेता विभिन्न किरदारों को उतनी ही गंभीरता और निपुणता से निभा सकता है। इश्वाक की शुरुआत थिएटर से हुई, जहां विभिन्न उम्र और व्यक्तित्व के किरदार निभाना सामान्य है। फिल्मों में काम करते समय वह इस बात को समझने लगे कि ‘लुक’ की कितनी अहमियत होती है, और अब वह इसके महत्व को जानने लगे हैं।
इश्वाक ने इस बातचीत में उन निर्देशकों के साथ काम करने की इच्छा प्रकट की, जिनका नाम अक्सर सुना जाता है, जैसे करण जौहर, अनुराग कश्यप और राम गोपाल वर्मा। लेकिन साथ ही, उन्होंने नए निर्देशकों के साथ काम करने में भी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि नए फिल्ममेकर्स की सोच और दृष्टिकोण निरंतर बदलाव ला सकती हैं, और उन्हें अनुभवहीन निर्देशकों के साथ काम करने में रोमांच का अनुभव होता है, जहां प्रयोग करने की स्वतंत्रता होती है।
खासकर ‘खलनायक’ के प्रसिद्ध गाने ‘पालकी में होके सवार’ के नए संस्करण के अनुभव पर इश्वाक का कहना है कि प्रारंभ में उन्हें इस गाने का प्रस्ताव हल्के में लगा था, लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद उन्होंने इस गाने की ऊर्जावान और पेपी धुन को समझा। उन्होंने बताया कि सेटअप, डायरेक्शन और कोरियोग्राफी बेहतरीन थीं और पूरे टीम का उत्साह बहुत ही ह motivating था। उन्हें यकीन था कि इस प्रोजेक्ट के साथ उन्हें बहुत मजा आएगा।









