विनिवेशीकरण के नाम पर नगरनार का निजीकरण करने बस्तर आए देश के गृहमंत्री – सुशील मौर्य
विनिवेशीकरण के नाम पर नगरनार का निजीकरण करने बस्तर आए देश के गृहमंत्री – सुशील मौर्य
जगदलपुर, 16 दिसंबर (हि.स.)। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शहर सुशील मौर्य व रेखचंद जैन ने आज साेमवार काे आयाेजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि ओलम्पिक 2024 के समापन समारोह में शामिल होने छत्तीसगढ़ प्रवास पर बस्तर जगदलपुर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सिर्फ विनिवेशीकरण के नाम पर नगरनार का निजीकरण करने बस्तर आए हैं, डबल इंजन भाजपा सरकार की नीतियों और निर्णयों के चलते विकास कार्य पूर्ण रूप से बाधित है। यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। जगदलपुर और रायपुर के बीच विमान सेवा के बंद होने से न केवल स्थानीय जनता को कठिनाई हो रही है, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के सुधार की बात करती हैं, इस महत्वपूर्ण मार्ग पर विमान सेवा फिर से शुरू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि तत्काल प्रभाव से इस मार्ग पर विमान सेवा को पुनः प्रारंभ करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। आगामी दिनों में कांग्रेस पार्टी खूंटपदर में सुपर स्पेशलिस अस्पताल की मांग व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नगरनार से खूंटपदर व खूंटपदर से लेकर जगदलपुर तक की विशाल पदयात्रा करेगी।
उन्होंने कहा कि जगदलपुर तक रेल मार्ग लाने रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन इसे जगदलपुर तक विस्तारित नहीं किया गया है। इससे बस्तर क्षेत्र का समग्र विकास प्रभावित हो रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र व्यापारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अन्य प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ नहीं है। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि रावघाट रेल परियोजना को जल्द से जल्द जगदलपुर तक विस्तार दिया जाए, ताकि इस क्षेत्र को आवश्यक रेल कनेक्टिविटी प्राप्त हो और आर्थिक विकास को गति मिले। एनएमडीसी (नगरनार) का निजीकरण करने की योजना से न केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, बल्कि लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों के भविष्य पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। नगरनार स्थित एनएमडीसी का निजीकरण राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और एनएमडीसी को निजीकरण से बचाया जाए, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सार्वजनिक क्षेत्र की मजबूती बनी रहे।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सांय सरकार व केंद्र की मोदी सरकार को बस्तर के विकास को लेकर सिर्फ बयानबाजी, कागजी लीपापोती करना शौक हो गया है। बस्तर की जो खनिज संपदा हैं जिसके खनन का सही तरीके से उपयोग हो तो रोजगार देने के प्रयाप्त अवसर हमारे युवाओं को मिल सकते हैं किन्तु प्रदेश कि सरकार व केंद्र की मोदी सरकार की नीति सिर्फ अपने उद्योगपतियों मित्रो को देने की रही है।भाजपा छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को निजीकरण करने का कार्य कर रही है। प्रभावित लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है। बाहरी लोगों को पूरी प्राथमिकता से नौकरी दिया जा रहा है। जो बस्तरवासियों बस्तर के युवाओं का सपना था कि प्लांट बनेगा तो रोजगार मिलेगा किन्तु आज पर्यंत तक किसी को रोजगार नहीं मिला है। कांग्रेस पार्टी लगातार जनहित के मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ रही है। देश के गृह मंत्री बस्तर आकर कहते हैं कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, इतनी हत्याएं हो रही है और ये सिर्फ झूठ परोस रहे हैं। कुल मिलाकर बातें बनाना और नक्सलवाद को आड़ बनाकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना भाजपा सरकार का मुख्य एजेंडा है। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
इस दाैरान नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, वीरेन्द्र साहनी, सहदेव नाग,जाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, निकेत झा, संतोष सेठिया, खिरमनी, संजय मसीह, रोहित पाणिग्रही, शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।









