लुधियाना का सदियों पुराना मंदिर टूटा, श्री गणेश और शिवलिंग को निशाना बनाया
लुधियाना के बस स्टैंड पर देर रात एक गंभीर घटना घटी, जिससे स्थानीय समुदाय में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, एक शरारती व्यक्ति ने बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर स्थित शिव मंदिर में बर्बरता का प्रदर्शन किया। उसने न केवल भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ डाला, बल्कि मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव के त्रिशूल को भी नष्ट कर दिया। जब आसपास के क्षेत्र में इस तोड़फोड़ का शोरगुल मच गया, तो मंदिर के पास मौजूद पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी ने तत्परता दिखाई और आरोपी को पकड़ लिया। इसके अलावा, स्थानीय लोगों ने भी आरोपी की पिटाई कर दी।
मंदिर की ऐतिहासिकता को उजागर करते हुए, एक प्रत्यक्षदर्शी प्रीत इंदर सिंह ने बताया कि यह मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना है। यहां रोजाना भक्त जन सुबह और शाम को पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। घटना में भाग लेने वाले शरारती व्यक्ति ने अचानक मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। प्रारंभ में लोग यह समझ नहीं पाए कि वह शख्स कोई शांति से माथा टेकने आया है। लेकिन जब उसने मूर्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू किया, तो सभी लोग सकते में आ गए। पहले उसने भगवान गणेश की मूर्ति को खंडित किया, और उसके बाद शिवलिंग को भी तोड़ डाला। इसी दौरान, पार्किंग में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी।
स्थानीय पुलिस चौकी के अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान हिरदेश भारती के रूप में की है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है और लुधियाना के जवद्दी क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। घटना के बाद, शिव सेना पंजाब के नेता राजीव टंडन भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बुधवार को हिंदू समाज के नेता मिलकर ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष करने के लिए रणनीति बनाएंगे।
पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। ऐसे गंभीर मामले में पुलिस की तत्परता और स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता ने इस कृत्य को तत्काल रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंदिरों की सुरक्षा एवं धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए इस प्रकार की घटनाएं समाज में चिंता का विषय बन गई हैं, और इस घटना ने एक बार फिर सभी समुदायों को एकजुट होकर साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता की ओर इंगित किया है।









