पंजाब चुनाव: पुलिस की चूक पर होगी कड़ी कार्रवाई, तुरंत FIR की सख्त हिदायत!
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने पंचायत चुनाव से पहले पटियाला रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने मुख्य रूप से छोटे अपराधों के प्रति सख्ती बरतने और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्टता से कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आज शाम पांच बजे से पंचायत चुनाव का प्रचार समाप्त हो जाएगा और 15 तारीख को 13 हजार पंचायतों के लिए मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। उसी दिन शाम को चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे, जिससे चुनाव को शांति से संपन्न कराना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
डीजीपी ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस की सक्रियता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर नाके लगाए जाने चाहिए, ताकि पुलिस की उपस्थित समुदाय में महसूस हो सके। किसी भी तरह के झगड़े या विवाद की स्थिति में पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि रिजर्व पुलिस बल को इस कार्य के लिए तैनात किया जाए और चुनाव की योजना इस तरह से बनाई जाए कि सभी जरूरी इंतजामात सुनिश्चित किए जा सकें।
छोटे अपराध जैसे स्नैचिंग, लूट, फिरौती की कॉल, और नशा संबंधित मुद्दों पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जिसमें SH0, DSP और SSP भी शामिल हैं। डीजीपी ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपियों पर लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए। अगर वे जमानत पर बाहर हैं, तो उनकी संपत्तियों को अटैच करने का काम भी तेज किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत सूचनाओं से निपटने के लिए भी रणनीतियाँ बनाई जाएंगी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई बार लोग सोशल मीडिया पर ड्रग्स के सेवन करते हुए वीडियो अपलोड करते हैं, जबकि पुलिस को सूचित नहीं करते हैं। इससे पुलिस की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस पर डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक है। वीडियो वायरल होने पर 20 मिनट में उसकी जांच करनी चाहिए, ताकि यदि जानकारी गलत हो तो उसे तुरंत हटाया जा सके और स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
एनडीपीएस मामलों में सुनवाई से अनुपस्थिति की स्थिति भी बैठक में उठाई गई। डीजीपी ने स्वीकार किया कि पंजाब पुलिस इस संबंध में सक्रिय है और यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी NDPS मामलों में दो बार सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहता है, तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके समाधान के लिए उन्होंने SSP को जिला स्तर पर बैठकें आयोजित करने और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का सुझाव दिया, ताकि समन की संख्या को भी कम किया जा सके। यह सब उपाय चुनाव से पहले और बाद में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं।









