फाजिल्का सरपंच कैंडिडेट पर हमला: ईंट से कार का शीशा तोड़ा, रास्ता पूछने का बहाना!

फाजिल्का जिले के गांव सुरेशवाला में सरपंच पद के उम्मीदवार भूप सिंह के साथ एक गंभीर घटना घटित हुई है। अज्ञात व्यक्तियों ने उनके ऊपर हमला करने का प्रयास किया, जब वह पंचायत चुनाव में सक्रियता के दौरान गांव में थे। भूप सिंह ने बताया कि वह चुनाव के प्रचार के लिए बैनर तैयार कराने फाजिल्का आए थे। बैनर बनवाने के बाद जब वह वापस लौट रहे थे, तब उन्हें अचानक काले रंग की एक कार ने फॉलो करना शुरू कर दिया।

भूप सिंह ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि कार में सवार लोग कुछ देर तक उनके पीछे लगातार आ रहे थे। कभी-कभी उनकी गाड़ी आगे बढ़ती थी और कभी पीछे रह जाती थी। जब ये लोग थोड़ी दूरी पर पहुंच गए, तो उनमें से एक व्यक्ति ने अपना मुंह ढके हुए, हाथ उठाकर उनकी गाड़ी रोकने का इशारा किया। उस व्यक्ति ने उनसे दूसरे गांव का रास्ता पूछा, लेकिन इसी बीच कार से उतरे अन्य व्यक्तियों ने उन पर हमला करने की कोशिश की। भूप सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी दौड़ा दी, लेकिन हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ईंटें फेंकीं, जिससे उनका शीशा टूट गया।

इस घटना के तुरंत बाद भूप सिंह ने थाना सदर फाजिल्का में शिकायत दर्ज कराई है। थाना सदर में तैनात पुलिस अधिकारी रंजीत सिंह ने इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिस इस शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

गांव सुरेशवाला के लोगों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ लोकतंत्र के लिए खतरा साबित हो सकती हैं और चुनावी प्रक्रिया में भय का माहौल नहीं बनने देना चाहिए। भूप सिंह ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह चुनाव में अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा सकें।

इस घटना ने ना केवल भूप सिंह को बल्कि पूरे गांव को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पंचायत चुनावों में सुरक्षा के इंतजाम कितने महत्वपूर्ण हैं। चुनावी प्रक्रिया में इस प्रकार की हिंसा और आतंकित करने वाली गतिविधियों से लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़े, तो तुरंत सूचना दें ताकि ऐसी गतिविधियों को समय पर रोका जा सके।