बाज़ार में रंगीन मोमबत्तियों और सजावटी सामानों का जलवा!

**जालंधर/नवांशहर: रंग-बिरंगी मोमबत्तियों से इस दिवाली रोशन होगा शहर**

इस वर्ष जालंधर और नवांशहर में दिवाली का पर्व एक नई चमक और रंगरूप के साथ मनाया जाएगा। बाजार में रंग-бिरंगी मोमबत्तियों की भरपूर उपलब्धता से त्योहार का उत्साह दोगुना हो गया है। पहले जहाँ मोमबत्तियाँ केवल दीपमाला के लिए खरीदी जाती थीं, वहीं अब व्यवसायियों ने इनका वेल्यू एडीशन कर दिया है। नई डिजाइन और आकर्षक पैकेजिंग के साथ ये मोमबत्तियाँ विशेष उपहार के रूप में भी बेची जा रही हैं। कुछ दुकानदार पारंपरिक प्रारूप से हटकर मोमबत्तियों का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें वे इनामदार रूप और रंगों में सजाई गई हैं।

आजकल ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव आया है। लोग केवल पूजा अर्चना के लिए ही नहीं, बल्कि घरों की सजावट के लिए भी इन आकर्षक मोमबत्तियों का उपयोग कर रहे हैं। मुख्यतः खुशबूदार तेल वाले लैंप की मांग भी जोर पकड़ रही है, जिसमें मोम ही भरा होता है। खास बात यह है कि इन मोमबत्तियों का आकार और डिज़ाइन इतना विविध है कि हर एक ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार इनका चयन कर पा रहा है। बाजार में मिट्टी के पारंपरिक दीपक और श्री गणेश तथा मां लक्ष्मी की मनमोहक मूर्तियाँ भी उपलब्ध हैं, जिससे festive atmosphere और भी खास बन गया है।

व्यापारी प्रवीण महेंद्रू ने बताया कि उनका यह व्यवसाय लगभग 50-60 वर्षों से चल रहा है। उन्होंने अपने पिता से मोमबत्ती बनाने की कला सीखी और अब अपने अनुभव के बल पर नए-नए डिज़ाइन बना रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार बाजार में उम्मीद है कि पहले की तरह व्यापार अच्छा चलेगा। यात्रिक दीपक, राजेश राजा, दीपक महेंद्रू, सुरज महेंद्रू और मोहित जैसे अन्य व्यापारी भी इस बात पर सहमत हैं कि मोमबत्तियों का सजाने का चलन כיום बहुत बढ़ गया है। इससे न केवल बाजार की मांग में वृद्धि हुई है, बल्कि उपभोक्ताओं का भी रुझान इनकी ओर बढ़ा है।

आजकल, ग्राहक अपनी जरूरतों के अनुसार कम या ज्यादा कीमत की मोमबत्तियों का चुनाव कर सकते हैं। बाजार में मोमबत्तियाँ एक रुपए से लेकर 200 रुपए तक की उपलब्ध हैं। व्यापारी बताते हैं कि एक बार में लगभग 250 मोमबत्तियाँ बनाई जाती हैं और इसमें मात्र 15 मिनट का समय लगता है। इस प्रकार, दिवाली की तैयारी में बाजार में पूरी गतिविधि देखने को मिल रही है, जहाँ रंग-बिरंगी लाइटों, आकर्षक मोमबत्तियों और अन्य सजावटी सामानों की भरपूर मांग है।

वीरवार की शाम जब दिवाली की रौशनी पूरे शहर को रोशन करेगी, तब इन नई शैली की मोमबत्तियाँ और सजावट उस रोशनी को और भी खिल उठाएगी। इस बार दिवाली का त्योहार न केवल पारंपरिक रूप से मनाया जाएगा, बल्कि इसे नई सुंदरता और रंगों से सजाने का भी काम किया जाएगा, जिसका आनंद लोग पूरे मन से लेंगे।