चंडीगढ़: एक करोड़ की ठगी करने वाले दो डिजिटल अपराधी गिरफ्तार, चैन्नई पुलिस की हिरासत में!
चंडीगढ़ पुलिस के साइबर सेल ने हाल ही में चेन्नई पुलिस के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में सफलता प्राप्त की है। इस अभियान में टीम ने चेन्नई में हो रहे डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति को डिजिटल गिरफ्तारी के माध्यम से एक करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा करने का शिकार बनाया गया। इस मामले से संबंधित शिकायत के बाद, चेन्नई पुलिस ने सीसीडब्ल्यू मुख्यालय में विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
चेन्नई पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस को सूचित किया कि आरोपी ने चंडीगढ़ में यूको बैंक का एक खाता खोला है, जिसमें धोखाधड़ी के लेन-देन में संलिप्तता की आशंका थी। इसी के चलते चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत पर ध्यान देते हुए गहन जांच शुरू की। पुलिस ने संबंधित बैंक जाकर लेन-देन की पुष्टि की और तकनीकी डेटा का विश्लेषण करना शुरू कर दिया। इस जांच के परिणामस्वरूप, संदिग्धों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्त में लिया गया। अब आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए चेन्नई पुलिस को सौंप दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह और यशदीप सिंह के रूप में हुई है। प्रदीप सिंह राजस्थान के गंगानगर जिले के गंगुवाला सिखां गांव का निवासी है, जबकि यशदीप सिंह मोहाली का निवासी है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने कई बेनेम बैंक खातों का उपयोग करते हुए धोखाधड़ी के लिए कमीशन पर अन्य अपराधियों को तैयार किया।
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के धोखाधड़ी कॉल से सतर्क रहें, क्योंकि डिजिटल गिरफ्तारी का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी संदेहास्पद कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और किसी भी बड़े लेन-देन से पहले अच्छी तरह से जांच करें। यह कदम समाज को ऐसी ठगी से बचाने के लिए उठाया गया है, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
समाज में जागरूकता फैलाना आवश्यक है ताकि लोग साइबर अपराधों के प्रति अधिक सतर्क रहें। ऐसे मामलों में आम नागरिकों के ध्यान और जागरूकता से ही बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। चंडीगढ़ पुलिस इस दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखेगी और लोगों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।









