बरनाला में भाजपा उम्मीदवार की AAP पर चोट: मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल परियोजना रद्द क्यों?
बरनाला विधानसभा उप चुनाव के मौसम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज जिला सेहत सुविधाओं के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) पर तीखा हमला किया। भाजपा के उम्मीदवार केवल सिंह ढिल्लों ने हंडियाया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बरनाला क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उन्होंने एक बहुउद्देशीय मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के प्रोजेक्ट की योजना बनाई थी, जिसका शिलान्यास हंडियाया में किया गया था। इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता भी स्वीकृत की गई थी। लेकिन अचानक राज्य में सरकार का गठन बदल गया और आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले इस अस्पताल को बंद करने का निर्णय लिया, जो उनके अनुसार एक बड़ी नाइंसाफी है।
केवल सिंह ढिल्लों ने यह आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अस्पताल को बंद करने का कदम इसलिए उठाया क्योंकि इससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सकता था। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर वे मेरे नाम के शिलान्यास पत्थर पर बुलडोजर चला दें और इस परियोजना का श्रेय अपने पास रख लें, लेकिन बरनाला के लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा प्रोजेक्ट खत्म न करें। इस संदर्भ में उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी का यह निर्णय लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति उपेक्षा दर्शाता है, जो कि एक जनविरोधी कदम है।
भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने बीते ढाई सालों में बरनाला के निवासियों को कोई भी स्वास्थ्य सेवा नहीं दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर वे चुनाव जीतते हैं, तो उनका सबसे पहला प्रयास होगा कि शहर में एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया जाए। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान मिलेगा बल्कि उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों में जानी की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
ढिल्लों ने इस मौके पर ये भी कहा कि बरनाला के लोग इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि किस प्रकार स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी आई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की नीतियों की भी कड़ी निंदा की और कहा कि इस प्रकार के निर्णयों से स्पष्ट है कि आप सरकार ने अपने वादों को भूलकर सिर्फ अपने राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी है। उनकी पूरी चेष्टा यही है कि बरनाला के हर नागरिक को उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।
इस चुनावी माहौल में भाजपा ने अपनी सक्रियता को दर्शाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, जिससे उन्हें चुनावी लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही यह बात भी स्पष्ट होती है कि आने वाले चुनावों में स्वास्थ्य सुविधाएं एक प्रमुख मुद्दा बन सकती हैं, जिससे मतदाता प्रभावित हो सकते हैं।









