जयपुर डायलॉग में गूंजा नैरेटिव वार: राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदुत्व का मुद्दा
जयपुर, 31 अक्टूबर । जयपुर डायलॉग 2026 के दूसरे दिन शनिवार को डेढ़ दर्जन से अधिक सत्रों में सोशल मीडिया पर नैरेटिव वार, राष्ट्रीय सुरक्षा, पड़ोसी देशों से संबंध, मीडिया, कानूनी चुनौतियों और देश की राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। रक्षा विशेषज्ञों, पत्रकारों, लेखकों और विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क और एकजुट रहकर राष्ट्रहित में काम करना होगा।
‘भारत और पड़ोसी मुल्क : न्यू साउथ एशिया ऑर्डर’ सत्र में कर्नल अजय रैना, जनरल डीपी पांडे, मेजर जनरल राजीव नारायणन, मेजर गौरव आर्य, कर्नल आरएसएन सिंह और आदि अचिंत ने द्विपक्षीय संबंधों और नैरेटिव वार पर विचार रखे। वहीं, ‘सोशल मीडिया में नैरेटिव वार तथा लुटियंस मीडिया’ सत्र में अशोक श्रीवास्तव, आनंद नरसिम्हन, सुशांत सिन्हा, हर्ष कुमार और प्रकाश श्रीवास्तव ने 2014 के बाद मीडिया और सोशल मीडिया में आए बदलावों पर चर्चा की। वक्ताओं ने सोशल मीडिया को अनियंत्रित माध्यम बताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल विरोधी नैरेटिव फैलाने के लिए किया जा रहा है। सच सामने रखने के लिए रणनीति और जनभागीदारी जरूरी है।
‘लॉयरफेयर इन राइजिंग भारत’ सत्र में तहसीन पूनावाला, अनुपम मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा, विजय सरदाना, मकरंद आदकर और धीरेंद्र पुंडीर ने मजबूत होते भारत के सामने कानूनी चुनौतियों और अदालतों के रणनीतिक इस्तेमाल पर विचार रखे। इस दौरान हिंदू हितों से जुड़े कानूनी मामलों में सहायता के उद्देश्य से ‘हिंदू लीगल एड’ वेबसाइट लॉन्च की गई। सत्र का संचालन प्रणय भारद्वाज ने किया।
‘गन, गाना और गैंगस्टर : बदलनी है पंजाब की पहचान’ सत्र में अंकुर आर्य, ओंकार चौधरी, अभिषेक तिवारी और हर्ष कुमार ने पंजाब में नशे, ड्रोन से हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी तथा धर्मांतरण को चुनौती बताया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने का संकल्प लिया है। वक्ताओं ने पंजाब में भाजपा के मजबूत राजनीतिक आधार बनाने की संभावना भी जताई।
‘योगी बनाम अखिलेश : यूपी ओपिनियन’ सत्र में शांतनु गुप्ता, प्रखर श्रीवास्तव और अवनीश पीएन शर्मा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर विचार रखे। वक्ताओं ने दावा किया कि योगी सरकार ने प्रदेश को निवेश के लिए सुरक्षित बनाने के साथ 70 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक नैरेटिव और पार्टी के भीतर संभावित चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की बात कही।
‘इज मोदी रियली हिंदुत्ववादी’ सत्र में गणेश भाऊ तोरसेकर, कार्तिक गौर और करण वर्मा ने हिंदुत्व, एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग, समान नागरिक संहिता, राम मंदिर और एक देश-एक चुनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि संघ और भाजपा में व्यक्ति के बजाय संगठन के प्रति निष्ठा को महत्व दिया जाता है।
वहीं, ‘ब्राह्मणवाद से आजादी? एससी-एसटी एक्ट’ सत्र में आनंद रंगनाथन, हर्षवर्धन त्रिपाठी और धीरेंद्र पुंडीर ने ब्राह्मणवाद की अवधारणा, ज्ञान परंपरा, कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और नालंदा-तक्षशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों पर हुए हमलों के संदर्भ में विचार रखे। वक्ताओं ने ब्राह्मणवाद को जाति के बजाय ज्ञान परंपरा से जोड़कर देखने की बात कही।










