एआई के युग में मानवीय चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों और शिक्षकों के कल्याण पर हुआ मंथन
जयपुर, 31 अक्टूबर । शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास के माध्यम से उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करना है। इसी उद्देश्य से शनिवार को सीकर रोड स्थित राजावास के ईडन गार्डन परिसर में गोपाल शर्मा मेमोरियल स्कूल के सभागार में ब्रह्माकुमारीज एजुकेशन विंग (आरईआरएफ) के सहयोग से ‘चौखट – एक शिक्षा संवाद’ के अंतर्गत ‘समग्र शिक्षा – सीखने का भविष्य’ विषय पर विशेष शैक्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में शिक्षा के बदलते स्वरूप, शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, प्रभावशाली शिक्षण पद्धतियों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में मानवीय चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया गया।
ब्रह्माकुमारीज मैनेजमेंट कमेटी की सदस्या एवं सब-जोन प्रभारी राजयोगिनी सुषमा दीदी ने शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक सशक्तीकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व विद्यार्थियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। ध्यान, राजयोग और आत्मचिंतन को दैनिक जीवन में अपनाने से मानसिक संतुलन बनाए रखने और तनाव कम करने में सहायता मिलती है। आंतरिक रूप से शांत और सशक्त शिक्षक ही विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा दे सकता है।
ब्रह्माकुमारीज वैशाली नगर सेवाकेंद्र की प्रभारी राजयोगिनी चंद्रकला दीदी, ग्रामोदय एजुकेशन ग्रुप के निदेशक शश्रवण बोहरा ने विचार रखे।
सम्मेलन में जेईसीआरसी-थाॅट लैब से जुड़े मुकेश अग्रवाल ने प्रभावशाली शिक्षण कौशल पर विचार व्यक्त करते हुए शिक्षण प्रक्रिया को रोचक, सहभागितापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका विद्यार्थियों को जानकारी देने के साथ उनमें जिज्ञासा, रचनात्मकता और आलोचनात्मक चिंतन विकसित करना भी है।
कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के निदेशक डॉ. नागपाल सिंह चौहान के मार्गदर्शन तथा प्रबंधन के एम.डी. सुंडा एवं लक्ष्मण चौधरी के दिशा-निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम संयोजक बीके सुनेहा बहन ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की और प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बीके मंगला दीदी, राधेश्याम डायरेक्टर मेहता ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के निदेशक, प्राचार्य, प्रोफेसर एवं शिक्षक उपस्थित रहे।










