पंचायतीराज चुनाव में बसपा अकेले उतरेगी: जिला परिषद और पंचायत समितियों में उतारेगी प्रत्याशी
जयपुर, 07 अक्टूबर । राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। बसपा ने प्रदेशभर में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।
बसपा के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय सेक्टर प्रभारी इंजीनियर रामजी गौतम तथा प्रदेशाध्यक्ष सुमरत सिंह ने बुधवार को जयपुर स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर चुनावी रणनीति की जानकारी दी। गौतम ने कहा कि गांवों की सरकार बनाने के लिए बसपा पूरी ताकत के साथ प्रदेशभर में चुनाव मैदान में उतरेगी।
रामजी गौतम ने कहा कि बसपा जनता के सामने तीसरे विकल्प के रूप में मौजूद है। राजस्थान की जनता पहले कांग्रेस और अब भाजपा की सरकार को परख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है और जर्जर स्कूलों में छत व दीवारें गिरने से बच्चे घायल हो रहे हैं। शिक्षा और चिकित्सा को बसपा ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है।
गौतम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें गहलोत ने कहा था कि उन्होंने बसपा में तोड़फोड़ नहीं की, बल्कि बसपा के सभी विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे।
गौतम ने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत ने दो बार बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर पार्टी के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि गहलोत ने दो बार बसपा की पीठ में खंजर घोंपा, जबकि दोनों अवसरों पर बसपा के समर्थन से ही वे मुख्यमंत्री बने थे। गौतम ने दावा किया कि अशोक गहलोत अब दोबारा राजस्थान के मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
प्रदेशाध्यक्ष सुमरत सिंह ने कहा कि पंचायतीराज चुनाव केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और रणनीति के तहत लड़ा जाएगा। बसपा सभी जगह अपने प्रत्याशी उतारेगी और किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ धोखा किया है, उन्हें चुनाव में हराने के लिए पार्टी कार्यकर्ता काम करेंगे।
सुमरत सिंह ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। किसान, मजदूर, युवा और महिलाएं परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों से जनता को अपनी समस्याओं का समाधान नहीं मिल रहा है। ऐसे में बसपा जनता के सामने तीसरे विकल्प के रूप में चुनाव मैदान में उतरेगी।










