rojgar-mela-me-berojgar-yuwvo-

शिवपुरीः रोजगार मेले में नौकरी के नाम पर युवाओं से ₹4,210 लेने की शिकायत, प्राचार्य ने कलेक्टर को भेजा पत्र

शिवपुरी, 07 अक्टूबर । मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रोजगार मेले में नौकरी की तलाश में पहुंचे विद्यार्थियों एवं बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर राशि लिए जाने का मामला सामने आया है। सूर्या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के प्रतिनिधियों पर प्रत्येक अभ्यर्थी से ₹4,210 लिए जाने की शिकायत की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासकीय स्नातक महाविद्यालय करैरा के प्राचार्य जितेंद्र गुप्ता ने कलेक्टर शिवपुरी को पत्र भेजकर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

प्राचार्य द्वारा बुधवार को कलेक्टर को भेजे गए पत्र के अनुसार 23 जुलाई 2026 को जिला रोजगार कार्यालय शिवपुरी के तत्वावधान में शासकीय स्नातक महाविद्यालय करैरा में युवा संगम/रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। रोजगार मेले में करीब 200 से 300 विद्यार्थी एवं बेरोजगार युवा शामिल हुए थे। विभिन्न कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए थे।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि रोजगार मेले में शामिल सूर्या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के कर्मचारियों/प्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों एवं बेरोजगार युवाओं से नौकरी एवं रोजगार के पंजीयन आदि के नाम पर ₹4,210 प्रति अभ्यर्थी राशि लिए जाने की शिकायत प्राप्त हुई है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार राशि दिए जाने के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा फोन कॉल का जवाब नहीं दिया जा रहा है तथा उससे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। इसके बाद विद्यार्थियों ने महाविद्यालय प्रबंधन के समक्ष मौखिक एवं लिखित शिकायत प्रस्तुत की।

शिकायत के साथ भुगतान से संबंधित प्रमाण, मोबाइल संदेश, ऑफर लेटर एवं अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जाने की जानकारी महाविद्यालय के पत्र में दी गई है।

मामले से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों में सूर्या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से जारी एक ट्रेनिंग लेटर भी है। इसमें एक अभ्यर्थी के लिए ‘स्टोर इंचार्ज’ पद, शिवपुरी जॉब लोकेशन तथा ₹21,500 मासिक वेतन का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में 10 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक इंदौर में प्रशिक्षण की जानकारी भी दर्ज है।

वहीं एक अन्य दस्तावेज में सूर्या डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से ट्रेनिंग सेंटर गेट पास जारी होने की जानकारी है। इसके अलावा 4 अगस्त 2026 को ₹3,250 के भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराया गया है। इन सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता और आपसी संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

महाविद्यालय के प्राचार्य ने कलेक्टर से संबंधित व्यक्ति एवं कंपनी के प्रतिनिधियों की भूमिका की जांच कराने, विद्यार्थियों से ली गई राशि वापस कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि रोजगार मेले में अभ्यर्थियों से राशि लेने की अनुमति किस स्तर पर थी और यदि राशि अधिकृत नहीं थी तो बेरोजगार युवाओं से यह रकम किस आधार पर ली गई। प्रशासनिक जांच के बाद ही इन सवालों का जवाब स्पष्ट हो सकेगा।

रोजगार की तलाश में रोजगार मेले तक पहुंचने वाले अधिकांश युवा नौकरी की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में यदि नौकरी अथवा प्रशिक्षण के नाम पर उनसे अनधिकृत रूप से राशि ली गई है तो यह गंभीर विषय है। इससे संबंधित युवाओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ रोजगार मेलों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।

फिलहाल मामला शिकायत के आधार पर जांच के स्तर पर है। आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित युवाओं की राशि वापस कराने के साथ जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है।