एक ही दिन उजड़ गया पूरा परिवार: मां की मौत के सदमे में पिता ने भी तोड़ा दम, दो मासूम बेटे हुए अनाथ
औरैया, 21 जुलाई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में दिबियापुर थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में मंगलवार को एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। वर्षों से टीबी की बीमारी से जूझ रही पत्नी की मौत का सदमा पति सहन नहीं कर सका और अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान उसे हार्ट अटैक आ गया। कुछ ही घंटों के अंतराल में पति-पत्नी दोनों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार के दो मासूम बेटे अनाथ हो गए हैं।
माधवपुर निवासी पिंकी (35) पिछले 14 वर्षों से टीबी से पीड़ित थीं। उनका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। पत्नी की मौत के बाद पति श्याम दास (40) पूरी तरह टूट गए। ग्रामीणों के अनुसार, वह पूरी रात पत्नी के शव के पास बेसुध होकर बैठे रहे और लगातार रोते रहे।
मंगलवार 11.30 बजे सुबह जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे और पत्नी को अंतिम विदाई देने की रस्म निभाई जा रही थी, तभी श्याम दास को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। वह बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें संभाल पाते, इससे पहले ही उनकी भी मौत हो गई। घटना से पूरे गांव में मातम छा गया।
सबसे मार्मिक पहलू यह है कि दंपती अपने पीछे दो मासूम बेटों को छोड़ गए हैं। बड़े बेटे की उम्र 9 वर्ष और छोटे की 7 वर्ष है। माता-पिता के एक साथ निधन के बाद दोनों बच्चों के सिर से ममता और पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। अंतिम संस्कार के दौरान बच्चों की मासूम आंखों में अपने माता-पिता को खोजती बेबसी देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। अब दोनों बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा दोनों बच्चों को मुख्यमंत्री राहत कोष एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाए।









