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पठानकोट-जोगिंद्र नगर रेल ट्रैक पर रेलगाड़ियों की आवाजाही सुचारू करने को सांसद अनुराग ने केंद्रीय रेल मंत्री को लिखा पत्र

धर्मशाला, 26 अप्रैल । राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पठानकोट से जोगिंदर नगर तक रेल गाड़ियों को सुचारू रूप से शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पठानकोट जोगिंदर रेल लाइन प्रदेश के तीर्थ स्थान और अन्य क्षेत्रों के लिए आगमन का एक सबसे महत्वपूर्ण साधन है और इन गाड़ियों के संचालन न होने से पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पठानकोट स्थित रेलवे स्टेशन को डलहौजी रोड की ओर शिफ्ट करने की प्रक्रिया का भी जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने कड़ा विरोध किया है।

रविवार को जारी एक प्रेस बयान में अनुराग शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचारों में यह चर्चा चल रही है कि भाजपा सांसद और रेल राज्य मंत्री रविंद्र सिंह बिट्टू द्वारा पठानकोट रेलवे स्टेशन को डलहौजी रोड की ओर शिफ्ट किया जा रहा है।

अनुराग शर्मा ने कहा कि पठानकोट, कांगड़ा घाटी रेलवे का मुख्य स्टेशन रहा है और दशकों से चल रहे स्टेशन को हटाना इस रूट की रीढ़ की हड्डी तोड़ने जैसा होगा। उन्होंने कहा कि जनता की राय के बिना अगर स्टेशन को स्थानांतरित किया जाता है तो यह जनता के साथ एक विश्वासघात होगा। अनुराग शर्मा ने कहा कि यह रेलवे स्टेशन बरसों से हिमाचल के लोगों के लिए दिल्ली, पंजाब व अन्य भागों तक पहुंचाने का सबसे प्रमुख एवं सुविधाजनक केंद्र रहा है और यदि रेलवे स्टेशन डलहौजी रोड शिफ्ट किया गया तो हिमाचल के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय में डलहौजी रोड से अगर गाड़ी पकड़नी होगी तो उसे दिल्ली जाने के लिए अनावश्यक रूप से टैक्सी या निजी वाहन में अन्य स्थान पर जाना पड़ेगा जिससे लोगों को भारी परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को भी केंद्रीय

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष शीघ्र उठाया जाएगा। अनुराग शर्मा ने कहा कि पठानकोट में यदि रेलवे फाटकों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या है तो उसका समाधान स्टेशन शिफ्ट करके नहीं बल्कि फ्लाईओवर और अंडरपास बनाकर किया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि यह विषय केवल रेलवे का ही नहीं बल्कि हिमाचल की जनता के सम्मान, अधिकार और सुविधा का भी प्रश्न है और यदि यह निर्णय लागू हुआ तो जनता में भारी रोष होना स्वाभाविक है।