2570वीं बुद्ध जयंती पर बोधी सोसायटी में चित्रांकन प्रतियोगिता, 400 विद्यार्थियों ने लिया भाग
पूर्वी सिंहभूम, 26 अप्रैल । बोधी सोसायटी जमशेदपुर के तत्वावधान में 2570वीं बुद्ध जयंती के अवसर पर रविवार से चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन शुरू हुआ। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों से लगभग 400 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से शांति, अहिंसा और भगवान गौतम बुद्ध के संदेशों को समाज तक पहुंचाना रहा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी सह श्रीलेदर्स के पार्टनर शेखर डे, समाजसेवी पुरवी घोष तथा जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर अमरजीत की उपस्थिति में हुआ। सभी अतिथियों ने भगवान गौतम बुद्ध के समक्ष पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर शेखर डे ने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध शांति और करुणा के प्रतीक थे। उन्होंने पूरी दुनिया को शांति, प्रेम और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा दें।
चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन सोसायटी प्रांगण में किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय “युद्ध नहीं, शांति” रखा गया, जबकि छोटे बच्चों के लिए “गौतम बुद्ध का चित्रांकन” विषय निर्धारित किया गया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता के माध्यम से शांति और मानवता का संदेश प्रस्तुत किया।
बोधी सोसायटी के अध्यक्ष आलोक रंजन बरुआ ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सामान्य बच्चों के साथ-साथ विशेष बच्चों ने भी भाग लिया, जो कार्यक्रम की सबसे विशेष बात रही। उन्होंने कहा कि बुद्ध जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज में समावेशिता और समानता का संदेश देता है।
उन्होंने जानकारी दी कि 1 मई को बुद्ध जयंती के दिन विश्व शांति प्रार्थना के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। वहीं, सोसायटी के महासचिव साधन बरुआ ने बताया कि शाम 4 बजे से बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे और शाम 6 बजे चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिराज बरुआ, मिथुन बरुआ, सुमित बरुआ, स्वपन बरुआ, सुमन बरुआ, सुदीप्ता बरुआ, आकांक्षा बरुआ, प्रियांशी बरुआ, रूमी, आयुषी, कौशिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखा गया।
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