लखनऊ विश्वविद्यालय ने दी 11 कॉलेजों को मान्यता, 72 नए कोर्स का आरंभ!

लखनऊ विश्वविद्यालय ने हाल ही में हरदोई, लखीमपुर, रायबरेली, सीतापुर और लखनऊ में 11 नए कॉलेजों को जोड़कर उनके संचालन की स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की एक बैठक में लिया गया, जिसमें इन कॉलेजों को अगले एक वर्ष के लिए अस्थायी एफीलिएशन प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यपरिषद में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया और उनमें अनुमोदन भी दिया गया।

इस बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों में से एक यह है कि विभिन्न कॉलेजों में 72 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, 26 महाविद्यालयों को स्थायी एफीलिएशन दिया जाएगा, जबकि 21 कॉलेजों की अस्थायी एफीलिएशन को विस्तार देने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यपरिषद ने तीन महाविद्यालयों के नाम बदलने और अपग्रेड किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। साथ ही, एक महाविद्यालय में सह-शिक्षा संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है और एक कॉलेज की एफीलिएशन समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय में 63 शिक्षकों के स्थायीकरण के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई।

लखनऊ में इस बैठक के दौरान पांच नए कॉलेजों के खोले जाने की अनुमति दी गई है। इनमें तीन विधि महाविद्यालय और दो स्नातक स्तर के सामान्य महाविद्यालय शामिल हैं। इन कॉलेजों के पाठ्यक्रमों को प्राप्त एफीलिएशन इस प्रकार है: रुक्मिणी देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए और बीकॉम के पाठ्यक्रम, पीआर मेमोरियल कॉलेज ऑफ लॉ में तीन वर्षीय LLB, काकोरी लॉ कॉलेज में तीन और पांच वर्षीय LLB, और चंद्रभानु गुप्ता लॉ कॉलेज में भी तीन और पांच वर्षीय LLB दिया गया है।

बिजऩौर के चंद्रभानु गुप्ता लॉ कॉलेज की बात करें तो यहां भी LLB पाठ्यक्रम उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, मां प्रेमा भगवती डिग्री कॉलेज में बीए और बीकॉम, एचएनए लॉ कॉलेज सीतापुर में तीन और पांच वर्षीय LLB, भैया रमेश चंद्र बालिका महाविद्यालय में बीएससी तथा पराग लॉ कॉलेज रायबरेली में तीन और पांच वर्षीय LLB के अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी। खीरी में उस्मानी लॉ कॉलेज और हरदोई में जगदेव सिंह लॉ कॉलेज में भी तीन वर्षीय LLB पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा।

इस निर्णय के पीछे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाना है, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें। विश्वविद्यालय ने आशा जताई है कि ये नए कॉलेज सामाजिक और शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय की यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगी।