मणिकर्णिका घाट: बेटी-दामाद ने व्हीलचेयर पर मां को छोड़ा, फिर हुए लापता!
कानपुर के मणिकर्णिका घाट पर एक बुजुर्ग महिला इंद्रावती देवी की दुखद स्थिति ने सभी को अचंभित कर दिया। नगर निगम के सफाई सुपरवाइजर सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने रविवार शाम से लेकर मंगलवार शाम तक इंद्रावती देवी की सेवा की। जब उन्हें अस्पताल में लावारिस वार्ड में भर्ती कराया गया, तब उनकी हालत देखकर सभी का दिल दहल गया। रिपोर्ट के अनुसार, जब सतीश ने उनसे बातचीत की, तो महिला ने खुद को कानपुर के पटकापुर का निवासी बताया। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि उन्हें वहां कौन लाया, तो वह चुप रहीं और बस शून्य में ताकती रहीं। इसके बाद सतीश ने समाजसेवी अमन कबीर से संपर्क किया और उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
घाट पर पहले राजू नाम के व्यक्ति ने इंद्रावती को देखा। उन्होंने बताया कि रविवार की शाम को, जब वह अपने दोस्त की दुकान पर बैठे थे, तभी एक पुरुष, दो बच्चे और एक महिला ने इंद्रावती को व्हीलचेयर पर लाया। वे बेसुध दिख रही थीं और थोड़ी देर बाद राजू को ध्यान आया कि दादी अकेली बैठी हैं। उन्होंने सोचा कि शायद उनके साथी दर्शन करने गए हैं, लेकिन जब बहुत समय बीत गया और कोई वापस नहीं आया, तो उन्हें चिंता हुई और वे दादी की ओर बढ़े। राजू के अनुसार, इंद्रावती उस समय बहुत कमजोर हालत में थीं और कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थीं।
सोमवार की सुबह, घाट पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने भी उन्हें उसी स्थान पर पाया और सतीश ने उनसे नाम-पता पूछा, लेकिन इंद्रावती ने कुछ नहीं कहा। जब महिला सफाईकर्मियों ने उनसे बात करनी चाही, तब वह शौच के लिए गईं और वहाँ खूब रोयीं। सतीश ने बताया कि जब उन्होंने इंद्रावती को दर्द की दवा दी, तो वह थोड़ा आराम महसूस करने लगीं। सतीश ने अपील की कि उन्हें घर पहुंचा देंगे, लेकिन इंद्रावती ने कुछ नहीं कहा, उनकी आँखों में आंसू आ गए।
इसके बाद, सफाईकर्मियों ने उन्हें स्नान कराया और कपड़े बदलवाए। इस प्रक्रिया में, उनके शरीर पर चोट के निशान देखे गए, जो कि स्पष्ट रूप से किसी प्रकार की हिंसा का संकेत दे रहे थे। सफाईकर्मी शालू ने कहा कि “उनके शरीर पर ऐसे निशान हैं जैसे उन्हें लाठी या बेल्ट से मारा गया हो।” इंद्रावती की एक आँख में मोतियाबिंद है और वह शुगर और हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित हैं। अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें भर्ती करने के बाद कहा कि वह बुजुर्ग और कमजोर हैं, लेकिन जल्द ही उनकी हालत में सुधार होगा।
इस बीच, समाजसेवी अमन कबीर ने कहा कि वे इंद्रावती के परिवार की तलाश में जुटे हैं और सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो अपलोड की है। हालांकि अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है, लेकिन अमन ने विश्वास दिलाया कि वे इंद्रावती के परिजनों का पता लगाकर ही रहेंगे। पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और साझा संवेदना के माध्यम से हम सबको एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।









