पंजाब पुलिस की इंस्टाक्वीन का डॉगी बना करोड़पति, खुद के नाम सिर्फ स्कूटी!

पंजाब के बठिंडा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार की गई इंस्टाक्वीन अमनदीप कौर के मामले में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं। अमनदीप कौर, जो कि 2011 में पंजाब पुलिस में भर्ती हुई थीं, पिछले 14 वर्षों में तीसरी बार गिरफ्तारी का सामना कर रही हैं। उन्होंने इस दौरान करोड़ों की संपत्ति बनाई है, लेकिन उनके नाम केवल एक स्कूटी है। अमनदीप के इंस्टाग्राम रीलों में जो डॉगी दिखाई देता है, उसकी कीमत भी लाखों रुपये में है। उनकी गिरफ्तारी से पहले बठिंडा के एक पॉश क्षेत्र में स्थित 8 मरले की कोठी में रह रही थीं, जो किसी और के नाम पर है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।

पुलिस की कार्यवाही के तहत अमनदीप की संपत्ति और उनके शौक की जांच की जा रही है। यह जानकर चौंकाने वाला है कि एक सामान्य कॉन्स्टेबल, जिसकी सैलरी 50 से 60 हजार रुपये है, इतनी विशाल संपत्ति कैसे जमा कर सकी। इसके अलावा, अमनदीप का एक वैभवपूर्ण जीवनशैली जीने का भी पता चला है, जिसमें न केवल महंगी गाड़ियाँ और ज्वेलरी शामिल हैं, बल्कि एक खास किस्म का पालतू डॉगी भी है। तिब्बती मारक है, यह शिह त्ज़ु डॉगी जिसके रखरखाव पर हर महीने लगभग 7 हजार रुपये का खर्च आता है। यह डॉगी रखें जाने के लिए न केवल महंगा होता है, बल्कि इसकी देखभाल में विशेष ध्यान देने की भी आवश्यकता होती है।

अमनदीप की गिरफ्तारी के बाद इस डॉगी की स्थिति को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। चार दिनों से बठिंडा स्थित उनकी कोठी बंद पड़ी है और पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं है कि डॉगी का क्या हुआ। इसका उचित ध्यान नहीं दिया गया तो यह डॉगी जीवित नहीं रह सकता। इस मामले में पुलिस द्वारा एक नई थार गाड़ी का एफिडेविट भी मिला है, जो मामले के जटिलता को और बढ़ा रहा है। अमनदीप की अधिकांश संपत्तियां उनके नाम पर नहीं हैं, जिसका पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती भरा काम हो गया है।

रविवार, 6 अप्रैल को अमनदीप कौर को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उन्होंने काली सफेद ड्रेस पहनी थी और कोर्ट परिसर में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। पुलिस ने उनके 7 दिन के रिमांड का अनुरोध किया, लेकिन जज ने केवल 2 दिन के लिए रिमांड बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस रिमांड के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं, जिनका खुलासा जांच पूरी होने पर किया जाएगा।

यह मामला न केवल एक पुलिस कांस्टेबल के व्यक्तिगत जीवन का बल्कि पूरे सिस्टम की जड़ों तक जाता है और बताता है कि किस तरह से कुछ लोग कानून के दायरे से बाहर निकलकर अपनी व्यक्तिगत भलाई के लिए काम कर रहे हैं। भविष्य में, इस मामले की जड़ें और जानकारी सामने आने के बाद काफी कुछ सामने आएगा और यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सवाल बनकर उभरेगा।