योग शिविर में आतंक की ट्रेनिंग: लाल डायरी में छिपे चौंकाने वाले राज!
राजस्थान में हाल ही में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा किए गए एक बड़े खुलासे ने सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कई युवाओं को योग की ट्रेनिंग के नाम पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। अत्यधिक संवेदनशील जानकारी में सामने आया है कि यह प्रशिक्षण विभिन्न भड़काऊ वीडियो के माध्यम से दिया जा रहा था, जिनमें गुजरात दंगों और मॉब लिंचिंग के दृश्य शामिल थे। एनआईए ने राजस्थान के कई जिलों, जैसे जयपुर, कोटा और सीकर में कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित हैं।
एनआईए की चार्जशीट में मांगी गई जानकारी, जिसमें एक ‘आतंक की लाल डायरी’ शामिल है, यह दर्शाती है कि पाॅपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) एक दीर्घकालिक योजना के तहत भारत को 2047 तक एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने के लिए सक्रिय थी। इस डायरी में युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित करने की योजना का विस्तृत विवरण है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट हुआ है कि पीएफआई ने कई सरकारी अधिकारियों की सूची बनाई थी, जिनमें से कुछ उनके कार्यों के समर्थन में थे, जबकि अन्य को कमजोर करने का प्रयास किया गया।
पीएफआई के प्रमुख स्थानीय सदस्यों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई है, जैसे कि मोहम्मद आसिफ, जो कि कोटा का निवासी है और संगठन के लिए फंड जुटाने में कुशलता रखता था। आसिफ विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करके कट्टरपंथी युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। इसके अलावा, अन्य संदिग्ध जैसे सादिक, सोहेल, वाजिद अली, और मुबारिक अली भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। ये सभी युवाओं को हथियार चलाने और मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देने के लिए विभिन्न जगहों पर कैम्प आयोजित कर रहे थे।
एनआईए ने बताया कि यह गिरोह जकात के नाम पर बड़ी मात्रा में धन जुटाने में भी शामिल था, जिसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन शामिल था। एजेन्सी ने यह भी खुलासा किया कि कार्रवाई के समय कई जानकारी और उपकरण जैसे कि कुल्हाड़ी, एयरगन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। इससे यह पता चलता है कि यह संगठन कितनी गंभीरता से अपने उद्देश्यों के लिए धन और संसाधनों का प्रबंधन कर रहा था।
इस पूरे मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक मजबूत नेटवर्क स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। राजस्थान में हो रही इस तरह की गतिविधियों ने न केवल राज्य को, बल्कि पूरे देश को खतरे में डाल दिया है। एनआईए द्वारा की जाने वाली जांच और कार्रवाई जल्द ही इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।









