लुधियाना में ज्वेलर की रहस्यमयी हत्या: धमकी के 6 महीने बाद फायरिंग से मौत!

पंजाब के लुधियाना जिले के कस्बा जगराओं में बीती रात एक जागो समारोह के दौरान फायरिंग की घटना ने सभी को चौंका दिया। जानकारी के अनुसार, इस समारोह में एक ज्वेलर, जिसका नाम परमिंदर सिंह उर्फ लवली है, डीजे पर नाचते समय गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि एक गोली उसकी छाती और दूसरी पेट के निचले हिस्से में लगी। इस घटना की सूचना उस समय मिली जब लवली खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। स्थानीय प्राथमिक अस्पताल में उसके पहुंचने के बाद इसे सरकारी अस्पताल भी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया है कि यह मामला संदिग्ध स्थिति में है। फायरिंग किसने की, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना स्थल पर डी.जे की तेज आवाज के कारण गोलियों की आवाज दब गई और वहां मौजूद लोगों को इस घटना का ज्ञान तब हुआ जब लवली गिरा। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि परमिंदर सिंह उर्फ लवली को करीब छह महीने पहले भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी थी। उक्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने इस एंगल से भी मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। लवली की पहले से ही निजी सुरक्षा थी, हालांकि कुछ समय बाद उसकी सुरक्षा हटा ली गई थी, जिसके बाद उसने अपने सुरक्षा कर्मियों को रखा था।

थाना सदर के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह ने कहा कि मौके पर जांच कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। हालांकि, कई गवाह इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि गोली जानबूझकर चली या यह एक दुर्घटना थी। सुरजीत ने यह भी कहा कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक कुछ बोलना मुश्किल है।

इस घटना ने इलाके में हलचल पैदा कर दी है और लोगों में भय का माहौल है। लवली पहले भी एक हमले का शिकार हो चुका था, जब उसके निवास स्थान पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस मामले में पुलिस ने पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो मोगा का निवासी था। इस प्रकार की घटनाओं ने लोगों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाए हैं, और अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और आरोपियों को पकड़ने में कितनी सफलता मिलती है।