चुनावी बूथों पर एजेंटों की नियुक्ति की मिलेगी छूट!
अमृतसर| अतिरिक्त आयुक्त निगम सुरिंदर सिंह ने वोटर पुनरीक्षण कार्यक्रम से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने बताया कि सभी राजनीतिक दलों को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर सकें। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने और मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
चुनाव कानून अधिकारी, राजविंदर सिंह, ने इस चर्चा में शामिल होते हुए बताया कि वर्तमान में वोटर सूचियों का निरंतर पुनरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाताओं द्वारा भरे जाने वाले फार्म नंबर 6, 7, और 8 का सही तरीके से निपटारा करवाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी योग्य मतदाता वोट डालने से छूट न जाए और सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
संगीव कालिया, जो चुनाव प्रभारी हैं, ने इस प्रक्रिया की महत्वपूर्णता पर जोर देते हुए कहा कि मतदाता पुनरीक्षण को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। यह पहल न केवल चुनावी प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि मतदाता जागरूकता को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा की ताकि अधिक से अधिक लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके और उनकी आवाज़ चुनावी प्रक्रिया में प्रभावी तरीके से सुनी जा सके।
इस मीटिंग में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी चिंताओं और सुझावों को साझा किया। सभी ने एक साथ मिलकर काम करने और चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दल इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से संलग्न हैं और वे अपने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने हेतु तत्पर हैं।
इस संक्षेप में, यह बैठक न केवल मतदाता पुनरीक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सभी राजनीतिक दलों के बीच सहयोग को भी दर्शाती है। विदित हो कि इस प्रकार के उपायों से आगामी चुनावों में मतदाता की संख्या बढ़ाने और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायता मिलेगी। इस तरह की सकारात्मक पहलें लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।









