16 दिनों में 1651 मामले, 2575 तस्कर गिरफ्तार: अरोड़ा का बड़ा खुलासा!

**अमृतसर: नशे के खिलाफ सरकार की ठोस पहल**

अमृतसर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा के लिए शनिवार को कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने जिला कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया। उन्होंने इस दौरान बताया कि 1 मार्च से शुरू हुए इस अभियान में केवल 16 दिनों में 1651 मामले दर्ज किए गए हैं और 2575 अवैध नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 7.25 लाख नशीले कैप्सूल, 1322 किलो ड्रग्स और 64.26 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।

मंत्री अरोड़ा ने बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नशा तस्करों द्वारा पूर्व सरकार के संरक्षण में बनाए गए अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति की बात करते हुए बताया कि यह नीति नशे के कारोबार को समाप्त करने का लक्ष्य रखती है। इस प्रयास में नशा छोड़ने वाले युवाओं को स्वरोजगार के लिए trained करने के लिए रोजगार कार्यालय द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह कदम उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक होगा जो समाज में अपनी एक नई शुरुआत करना चाहते हैं।

अमन अरोड़ा ने नशा विरोधी अभियान को और भी प्रभावी बनाने के लिए पंचायतों और समाजसेवी संस्थाओं को इसमें शामिल करने के प्रयासों की बात की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए शिक्षा संस्थानों में विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में, मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मेडिकल स्टोरों और आरएमपी (रजिस्टर मेडिकल प्रैक्टिशनर) की नियमित जांच करने के निर्देश दिए, जबकि हरभजन सिंह ने ओट सेंटरों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही।

इस बैठक में डीसी साक्षी साहनी और सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने भी नशा तस्करों पर नकेल कसने की अपनी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने व्याख्या की कि किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से और लोगों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाया जा रहा है। इस अवसर पर डीआईजी सतिंदर सिंह, विधायक डॉ. इंदरबीर निज्जर, डॉ. जीवनजोत कौर और अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण अभियान के प्रति अपनी सहमति और समर्थन व्यक्त किया।

अब देखने वाली बात यह होगी कि यह अभियान आगे किस दिशा में बढ़ता है और सरकार द्वारा उठाए गए कदम समाज में नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ किस हद तक प्रभावी साबित होते हैं। सरकार का यह प्रयास निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव की ओर अग्रसर करेगा, और यदि सभी लोग एकजुट होकर इस अभियान में जुटते हैं, तो नशे के खिलाफ लड़ाई में सफलता प्राप्त करना संभव हो सकता है।