फरीदकोट में भाजपा का हल्लाबोल: तीन साल बाद भी AAP के वादे अधूरे!

फरीदकोट, पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार के कार्यकाल के तीन साल पूरे होने पर प्रदर्शन किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है और आम आदमी पार्टी के शासन में जनहित के मामलों की अनदेखी की जा रही है। भाजपा के जिला अध्यक्ष गौरव कक्कड़ के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने शहर में एक रोष मार्च भी निकाला। इस दौरान उन्होंने सरकार की नीतियों और कार्यों के खिलाफ सख्त विरोध जताया।

रविवार, 16 मार्च को आम आदमी पार्टी की सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा हुआ। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी ने अपनी उपलब्धियों का बखान किया, जबकि विपक्ष, खासकर भाजपा, ने सरकार की नाकामी को उजागर करने का प्रयास किया। फरीदकोट के अलावा जैतो एवं अन्य स्थानों पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की। भाजपा के नेता यह भी बोले कि राज्य की स्थिति काफी खराब हो चुकी है, जिसका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।

भाजपा के जिला अध्यक्ष गौरव कक्कड़ और पूर्व जिला अध्यक्ष एडवोकेट गगन सुखीजा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्हें आरोपित किया गया कि उनकी सरकार ने महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने का जो वादा किया था, वह बिल्कुल निराधार है। तीन साल बिता दिए जाने के बावजूद, राज्य में कोई भी महिला आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं कर पाई, जिससे आम जनता में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ा है।

इससे भी चिंतनीय यह है कि पंजाब में नशाखोरी की समस्या बढ़ती जा रही है और कानून व्यवस्था का हाल भी पहले की तुलना में बदतर हो चुका है। भाजपा का यह प्रदर्शन साफ दर्शाता है कि विपक्षी दल कितने सक्रिय हैं और वे सरकार की दोषपूर्ण नीतियों को लेकर कितने गंभीर हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में हुए दो मुख्य वादों के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी गहरा चर्चा हो रही है।

इस प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को संगठित कर आम आदमी पार्टी की कमजोरियों को उजागर करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही, विपक्षी दलों के साथ-साथ आम जनता का यह भी मानना है कि वर्तमान सरकार को उनके वादों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम करना चाहिए। इस समय पंजाब की राजनीति में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन खुले में कई सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे आने वाले चुनावों में जोरदार मुकाबला देखने को मिल सकता है।