रामबाग चौक की गंदगी पर सभी की नजरें क्यों बंद?

अमृतसर का रामबाग चौक, जो कि शहर के केंद्रीय क्षेत्र में स्थित है, इन दिनों अत्यंत खराब स्थिति में है। यहां गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है और नगर निगम की ओर से इसकी साफ-सफाई और रखरखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चौक के وسط में स्थापित लोक विरसा का प्रतीक चिन्ह भी टूटकर गिर गया है, जिससे इस स्थान की खूबसूरती और भी कम हो गई है। साथ ही, इस चौक में हरियाली का अभाव है, जो एक आम नागरिक के लिए आश्चर्यजनक है, खासकर तब जब यहां प्रतिदिन हजारों लोग और पर्यटक आते-जाते हैं।

स्थानीय निवासी गुरजीत सिंह, जो जामुन वाली गली, तरनतारन रोड के रहने वाले हैं, ने इस विषय पर चिंता जताते हुए कहा कि चौक की वर्तमान स्थिति बेहद निराशाजनक है। चूहे बढ़ती हुई संख्या में नजर आ रहे हैं, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। पहले इस चौक को रंगाई करके तथा नकली पौधे लगाकर सजाया गया था, जो देखने में तो आकर्षक लगते थे, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से यह उपाय उचित नहीं थे।

गुरजीत सिंह का कहना है कि नगर निगम को चाहिए कि चौक के क्षेत्र में वास्तविक ग्रीनरी लगाई जाए, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि नागरिकों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही, चौक की सफाई पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है ताकि यहां आने वाले लोग एक स्वच्छ और सुन्दर वातावरण का अनुभव कर सकें।

रामबाग चौक की बुरी हालत न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आगंतुकों के लिए भी एक चिंता का विषय बन गई है। यहां की गंदगी और अव्यवस्था ने इसकी पहचान को प्रभावित किया है। नगर निगम को अब इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए और तत्काल उपाय करने चाहिए ताकि इस प्रमुख चौक को पुनः उसकी पूर्व स्थिति में लाया जा सके।

सारांश में, रामबाग चौक की खराब स्थिति इस बात का प्रमाण है कि शहर की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर निगम को चाहिए कि वह इस चौक को एक आदर्श स्थल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए। केवल वित्तीय संसाधनों का सही उपयोग करके ही इसके विकास और रखरखाव की दिशा में वास्तविक प्रगति की जा सकती है। इस दिशा में काम करने से न केवल शहर की छवि सुधरेगी, बल्कि निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बेहतर अनुभव भी सुनिश्चित होगा।