IAS सोनल गोयल को बैंकॉक में ‘एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट वुमन अवार्ड’ सम्मान!

प्रमुख भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी सोनल गोयल को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर बैंकॉक, थाईलैंड में प्रतिष्ठित ‘एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट वुमन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके द्वारा पिछले डेढ़ दशक में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने के लिए दिया गया है। इस समरोह का आयोजन यूनाइटेड पीसकीपर्स फेडरल काउंसिल और यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशंस ऑफ कोचेला वैली, यूएसए द्वारा किया गया था, जिसमें विश्व के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। इनमें UNPKFC की ग्लोबल प्रेसिडेंट डॉ. अफिनिता चाइचाना और UNA-USA की अध्यक्ष कैरेन कैंट्रेल शामिल थे, साथ ही कई अन्य प्रमुख नीति निर्माताओं और कॉर्पोरेट नेताओं ने भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

अपने वक्तव्य में सोनल गोयल ने भारत सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया, जिसमें ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार अब महिलाओं के विकास के साथ-साथ उनके नेतृत्व में विकास को भी महत्व दे रही है। इसके चलते, महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास पूरी तरह से राष्ट्रीय विकास के साथ जुड़े हुए हैं। इस संदर्भ में, सोनल गोयल ने जेंडर समानता और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर गहरी चर्चा की।

सोनल गोयल ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरस्कार प्राप्त करने की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह हर उस लड़की का भी सम्मान है, जो अपने सपनों को साकार करने में हिम्मत दिखाती है। यह उन सभी महिलाओं का सम्मान है, जो अपने अधिकारों और सपनों के लिए संघर्ष करती हैं और यह उन सब का सम्मान है, जो समानता के अधिकार के प्रति विश्वास रखते हैं।

त्रिपुरा सरकार में सचिव के पद पर कार्यरत सोनल गोयल ने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। हरियाणा में उनकी पोस्टिंग के समय उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। 2010 में, त्रिपुरा के ढलई जिले के अंबासा सब-डिविजन में उन्होंने पहला ‘ऑल-वुमन पोलिंग बूथ’ स्थापित करने का कार्य किया। इसके अतिरिक्त, वह ‘नंदिनी’, ‘महारी लाडो’, और ‘सोच पे दस्तक’ जैसे कई अन्य कार्यक्रमों को चलाने में भी सक्रिय रहीं।

हाल ही में लंदन में ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के कारण भी सोनल गोयल चर्चा में रही हैं। इनके कार्य और उपलब्धियां आज भारतीय महिला नेतृत्व को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिला रही हैं और न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणा का कारण बन रही हैं।