शरीर की बनावट पर तय होती कीमत, यूपी में लड़कियां बिक रही 5 लाख तक!

सोनभद्र, मिर्जापुर और अन्य यूपी के जिलों में नाबालिग लड़कियों की शादी का अवैध व्यापार बड़े पैमाने पर चल रहा है। दलालों ने साफगोई से कहा है कि लड़कियों के सौदों में उनकी उम्र के अलावा उनकी खूबसूरती भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर है, जिसके आधार पर दाम निर्धारित किए जाते हैं। इस कारोबार में शामिल लोग बताते हैं कि वे प्रेम का व्यापार कर रहे हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है। हाल ही में दैनिक भास्कर की एक टीम ने इस नाजायज व्यापार की अंदरूनी गुफ्तगू को उजागर किया है।

बातचीत में दलालों ने कहा है कि शादी की कीमत 1.5 से 5 लाख तक होती है, जो कि लड़कियों की खूबसूरती पर निर्भर करती है। रिपोर्टर ने जब जुगैल क्षेत्र में दलालों से मिलने की कोशिश की, तो उन्हें यह बताया गया कि उनका नेटवर्क पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक फैला हुआ है। दरअसल, दलाल स्थानीय गरीबी का फायदा उठाकर गरीब परिवारों को झांसा देकर बच्चियों की शादी बड़े उम्र के पुरुषों से करवा रहे हैं।

इन दलालों ने बताया कि शादी के दौरान रकम का लेन-देन कैसे किया जाएगा। महिला दलालों ने नाबालिग लड़कियों के फोटो और उनकी जानकारियों को दिखाकर अंधेरे में अपनी चालाकी को उजागर किया। शादी के लिए राशि निर्धारित करने के बाद, उन्होंने यह भी बताया कि वे लड़कियों को देखने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। इन सबके बीच, दलालों ने मीडियाकर्मियों से अपनी योजना और तरीकों को छिपाने का प्रयास किया और सीधे तौर पर इस व्यापार को ‘शादी कराने वाला सौदा’ बताया।

इस व्यापार का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इसमें शामिल लड़कियों की उम्र अक्सर 13 से 17 साल के बीच होती है। नाबालिग लड़कियों को अधेड़ उम्र के पुरुषों से जोड़ा जा रहा है, जो स्पष्ट रूप से कानून के खिलाफ है। सोनभद्र क्षेत्र में महिला सुरक्षा जनसेवा ट्रस्ट की संचालिका ने बताया कि ऐसे मामलों में ज्यादातर गरीब परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। धन के लालच में ये परिवार अक्सर दलालों के जाल में फंस जाते हैं।

इस स्थिति को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। नाबालिग से शादी करने पर सभी संबंधित पक्षों को कड़ी से कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह के मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा समाज में नाबालिग विवाह की प्रथा और बढ़ सकती है। ऐसे मामलों में सक्रिय तेजी से कार्रवाई और जागरूकता लाने की जरूरत है, ताकि गरीब परिवारों को इस तरह के दलालों के जाल में नहीं फंसने दिया जा सके और लड़कियों को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके।