शादी के 2 दिन बाद पंजाब की दुल्हन ने चुन्नी से लगाया फांसी, ससुराल में हुआ हादसा!

पंजाब के लुधियाना में घटित एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। शादी के महज दो दिन बाद, दुल्हन आरती (18) ने आत्महत्या कर ली। सोमवार की रात को उसका शव उसके ससुराल में फंदे पर लटका हुआ मिला। जानकारी के अनुसार, आरती अपने मायके से फेरे की रस्म पूरी कर वापस आई थी, लेकिन उसके आत्महत्या करने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की जानकारी मिलते ही टिब्बा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

जानकारी के मुताबिक, आरती की शादी 2 दिन पहले ही एक युवक, तारीश के साथ हुई थी। तारीश एक बर्तन की दुकान का संचालन करता है। शादी के बाद की रस्मों के तहत, आरती रविवार को अपने मायके में फेरा डालने गई थी और सोमवार को ससुराल लौट आई। घर लौटने के बाद, उसने अपने परिवार के सदस्यों से कपड़े बदलने की बात कही और अपना कमरा बंद कर लिया। जब लंबे समय तक वह बाहर नहीं आई, तो परिवार के लोग उसे देखने गए, लेकिन कमरा अंदर से बंद था।

जब परिवारवालों ने रोशनदान से झांका, तो उन्हें आरती का शव फंदे में लटका हुआ दिखाई दिया। परिवार के सदस्यों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारने की कोशिश की, और इसके बाद शोर मचाया। आस-पड़ोस के लोग भी वहां जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। टिब्बा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और उसे सिविल अस्पताल भेजा। पुलिस ने कहा है कि इस मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और वे मृतका के मायके और ससुराल वालों से पूछताछ कर रहे हैं।

टिब्बा थाना के कॉन्स्टेबल गुरजंट सिंह ने बताया कि फिलहाल आरती के शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया है। साथ ही, उन्होंने बताया कि मृतका के मायका पक्ष को सूचित कर दिया गया है और उनके आने के बाद मामले की गहन जांच की जाएगी। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। पुलिस इस संदर्भ में एकत्रित किए गए तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्यवाही करेगी।

इस घटना ने न सिर्फ परिवार को बल्कि समाज को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। खासकर जब एक नई दुल्हन की इतनी कम उम्र में इस प्रकार की घटना घटित हो रही हो। ऐसे मामलों में अक्सर मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक समस्याएँ और सामंजस्य की कमी जैसे कारक हो सकते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी घटनाओं की जड़ तक पहुंचा जाए और समाज में जागरूकता फैलाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएँ न हों।

इसके अलावा, पंजाब में और राजनीतिक उठापटक जारी है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब विधानसभा के शीतकालीन सत्र की मांग की है। उनका कहना है कि विधानसभा का सत्र साल में तीन बार बुलाया जाना चाहिए, लेकिन इस साल केवल दो ही बार सत्र हुआ है। विधायक अपने हलकों की समस्याओं को उचित तरीके से नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे जनता की समस्याएँ अनसुलझी रह रही हैं। इस प्रकार, इन मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक घटनाएँ भी जनता की चिंता का विषय बनी हुई हैं।