मोहाली: डंकी रूट ठगी के 222 मामले, विदेश भेजने के नाम पर बड़ा फरेब!

मोहाली में युवा अपने विदेश जाने के सपनों को साकार करने की आस में इमिग्रेशन कंपनियों के झांसे में आ रहे हैं। अक्टूबर 2024 तक मोहाली पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी के 222 मामले दर्ज किए हैं, जो कि इस बात का संकेत है कि यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। ठगी के इस खेल में फर्जी ट्रैवल एजेंट युवाओं से लाखों रुपए वसूलते हैं, उन्हें धोखे से नकली वीजा जारी करते हैं या फिर खतरनाक डंकी रूट का चुनाव करते हैं, जिसमें कई बार लोगों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ता है।

हाल ही में सोहाना के एक मामले में, मलकीत कौर के बेटे हरदीप सिंह को अमेरिका भेजने के नाम पर 26 लाख रुपए की ठगी का शिकार होना पड़ा। आरोपियों ने उसे अमरीका की जगह यूक्रेन भेज दिया, जो कि उस समय युद्ध की परिस्थितियों से गुजर रहा था। वहां से हरदीप किसी तरह स्पेन पहुंचा, लेकिन अप्रत्याशित रूप से वहां उसे किडनैप कर लिया गया। उसके सामने तब और भी संकट आया जब किडनैपर ने उसे छोड़ने के लिए भारी रकम की मांग की। किसी तरह वह किडनैपर की गिरफ्त से भागकर स्पेन सरकार से संपर्क करने में सफल रहा और जेल में कुछ समय बिताने के बाद अंततः भारत वापस लौटा।

इस प्रकार के ठगी के मामलों में फर्जी ट्रैवल एजेंट मुख्य रूप से बेरोजगारी का फायदा उठाते हैं। वे युवाओं को वर्क या एजुकेशन वीजा का प्रलोभन देकर उनके लाखों रुपए हड़प लेते हैं। अगर वीजा रिजेक्ट होता है, तो वे डंकी रूट का सहारा लेने का सुझाव देते हैं, जो अक्सर बेहद खतरनाक होता है। कई युवाओं को वहां बंधक बना लिया जाता है या जेल में डाल दिया जाता है। थानावार मामलों का आंकड़ा भी चिंताजनक है, जिसमें मटौर थाने में 65, फेज-11 में 35, सोहाना में 26, और अन्य क्षेत्रों में भी ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों की तरफ से इस समस्या पर काबू पाने की कोशिशें की जा रही हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी ट्रैवल एजेंट से डील करने से पहले उनकी वैधता की जांच अवश्य करें। ऐसे धोखाधड़ी मामलों से बचने के लिए जागरूक रहना बेहद आवश्यक है। मोहाली के एसएसपी दीपक पारीक ने स्पष्ट किया है कि विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि युवा सुरक्षित रहें और इस प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकें।

इस खतरे से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही कई फर्जी एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की है, फिर भी ठगी के मामले अभी भी जारी हैं। युवाओं को जागरूक करना और सही जानकारी प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे इस समस्या से बच सकें और अपने सपनों को सुरक्षित तरीके से पूरा कर सकें।