बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में पंजाब जल उठा, केंद्र सरकार से मांग!
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ आज पंजाब में चंडीगढ़ और अमृतसर में बड़े पैमाने पर रोष मार्च का आयोजन किया गया। चंडीगढ़ में यह मार्च सेक्टर 17 प्लाजा से शुरू हुआ, जबकि अमृतसर में श्री दुर्गियाना मंदिर से होते हुए जलियांवाला बाग तक किया गया। इन प्रदर्शनो में चंडीगढ़ के विभिन्न हिंदू संगठनों के सदस्यों ने और अमृतसर की दुर्गियाना कमेटी ने बांग्लादेश के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस मौके पर स्वामी श्यामानंद जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का गठन भारत के बलिदानों से हुआ, लेकिन आज वहां हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हो रहे हैं। स्वामी जी ने बांग्लादेशी हिंदुओं के प्रति हो रहे दमन के मुद्दे पर सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग की।
चंडीगढ़ के सेक्टर 40 में आयोजित हवन के दौरान, नारी जागृति मंच और पिंक ब्रिगेड ने भी हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। इस महायज्ञ में 108 गायत्री मंत्रों के जाप के साथ-साथ बांग्लादेश में हो रही सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए हिंदुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में प्रधान नीना तिवारी ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि हमारे भाइयों को बेरहमी से मारा जा रहा है और हिंदू संतों को बेबजह जेलों में डाला जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन किया कि वे इस समस्या का समाधान निकालें और निर्दोष संतों को रिहा करें।
इस बीच, दुर्गियाना मंदिर समिति की अध्यक्ष प्रोफेसर लक्ष्मी कांता चावला ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की अद्वितीय निंदा करते हुए कहा कि भारत में लगभग दो करोड़ बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं, जो भारतीय संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। चावला ने कहा कि यदि बांग्लादेश में स्थितियां इसी प्रकार बिगड़ती रहीं, तो उन अवैध प्रवासियों को भारत से वापस भेजा जाना आवश्यक है। उनका यह भी कहना है कि अब वक्त आ गया है कि बांग्लादेश को एक कड़ा सबक सिखाया जाए, ताकि वहां के पाताल प्रवृत्तियों को नियंत्रित किया जा सके।
इन प्रदर्शनों में संत समाज, विभिन्न धार्मिक संस्थाएं, राजनीतिक दल और विभिन्न हिंदू संगठनों के हजारों व्यक्ति शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर “भारत माता की जय” के नारे लगाए और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रोफेसर चावला ने केंद्र सरकार से यह भी अपील की कि अगर बांग्लादेश अपनी गलतियों से नहीं सीखता है, तो भारत को चाहिए कि वह उसे अपनी भूगोल से मिटाने में संकोच न करें। यह दौर बांग्लादेश को यह एहसास कराने का है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है और किसी भी स्थिति में उसे अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी।









